मुंबई में जल संकट, 10% कटौती लागू, बंद हुई कार वॉश, स्विमिंग पूल पर भी खतरे की तलवार

हाउसिंग सोसायटियाँ बनाने लगीं कड़े नियम, बाल्टी से स्नान और गीले कपड़े से गाड़ी पोंछने की सलाह, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक गंभीर जल संकट की चपेट में आ गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 15 मई 2026 से पूरे मुंबई शहर और उपनगरों में 10 प्रतिशत जल कटौती लागू कर दी है। इस फैसले के बाद शहर की हाउसिंग सोसायटियों में हड़कंप मच गया है और निवासी एक-एक बूंद पानी बचाने की कवायद में जुट गए हैं।

जलाशयों में महज 23% पानी — मानसून तक चलेगी मुश्किल

11 मई 2026 तक मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सात झीलों में कुल 3,40,399 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध था, जो वार्षिक आवश्यकता का केवल 23.52 प्रतिशत है। बीएमसी का कहना है कि बढ़ते तापमान, अधिक वाष्पीकरण और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए यह कटौती एक सावधानीपूर्ण कदम है।  मुंबई अपनी दैनिक जल आवश्यकताओं के लिए सात झीलों अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, भाटसा, विहार और तुलसी पर निर्भर है। प्रचंड गर्मी के चलते इन सभी जलाशयों में जल स्तर तेज़ी से गिर रहा है।

अल नीनो की चेतावनी — कमज़ोर मानसून का डर

मौसम विभाग द्वारा ‘अल नीनो’ के प्रभाव और आगामी मानसून के दौरान कम वर्षा होने के पूर्वानुमानों को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने यह एहतियाती कदम उठाया है। राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार इस बार जल प्रबंधन जुलाई के बजाय अगस्त तक के लिए किया जा रहा है। यदि बारिश समय पर नहीं हुई और जलाशयों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा, तो कटौती लंबे समय तक जारी रह सकती है।

सोसायटियों ने कसी कमर — कार वॉश बंद, पूल पर सवाल

कफ परेड स्थित जल किरण हाउसिंग सोसायटी में पाइपलाइन से कार धोने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। निवासियों और सफाईकर्मियों को सलाह दी गई है कि वे गीले कपड़े का इस्तेमाल करके न्यूनतम पानी से वाहन साफ करें। साथ ही सदस्यों से शॉवर की जगह बाल्टी से नहाने का आग्रह किया गया है। कई सोसायटियों में स्विमिंग पूल को बंद करने या उनमें पानी न भरने पर भी विचार शुरू हो गया है। बीएमसी ने नागरिकों को वाहन धोने पर अंकुश लगाने, बागवानी में अत्यधिक पानी न बहाने, स्विमिंग पूल के उपयोग को सीमित करने, घरों की लीकेज तुरंत ठीक करवाने और केवल जितनी ज़रूरत हो उतना ही पानी संग्रहित करने की सलाह दी है।

ठाणे-भिवंडी भी प्रभावित, महाराष्ट्र में गहराया संकट

यह पाबंदी मुंबई की सीमाओं से बाहर भी लागू है — 15 मई से 10 प्रतिशत कटौती ठाणे, भिवंडी-निजामपुर नगर निगम और बीएमसी से जलापूर्ति प्राप्त करने वाले अन्य गांवों पर भी लागू होगी। मराठवाड़ा के छह जिलों में टैंकरों से पानी पर निर्भर गाँवों की संख्या महज 10 दिनों में 100 से अधिक हो गई — 194 टैंकर छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड़ और लातूर जिलों के 119 गाँवों और 55 बस्तियों को पानी पहुँचा रहे हैं।

बैकअप का आश्वासन, घबराने की ज़रूरत नहीं — बीएमसी

बीएमसी ने बताया कि मुंबई को भाटसा बांध से 1,47,092 मिलियन लीटर और ऊपरी वैतरणा बांध से 90,000 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आने वाले समय में शहर की जरूरतें पूरी करने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने नागरिकों से घबराहट में पानी जमा न करने और ज़िम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है।

मेयर की अपील: वर्षा जल संचयन अपनाएं

मेयर तावड़े ने मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों से ‘वर्षा जल संचयन’ (Rain Water Harvesting) को दीर्घकालिक समाधान बताते हुए कहा कि भूजल स्तर बनाए रखने के लिए हर सोसायटी को यह प्रणाली लागू करनी चाहिए।  बीएमसी ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे नहाने के लिए शॉवर की जगह बाल्टी का उपयोग करें, वाहन धोने के लिए पाइप की बजाय गीले कपड़े का इस्तेमाल करें और घरों की लीकेज तुरंत ठीक करवाएं। होटलों और हाउसिंग सोसायटियों से अनुरोध है कि वे पानी बचाने वाले नोज़ल लगाएं और छत की टंकियों को ओवरफ्लो न होने दें।

बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि 10 प्रतिशत जल कटौती तब तक लागू रहेगी जब तक शहर को पर्याप्त वर्षा नहीं मिलती। मानसून के देर से आने या सामान्य से कम रहने की स्थिति में और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। मुंबई की 2 करोड़ से अधिक आबादी इस समय जल संकट की इस कड़ी परीक्षा का सामना कर रही है। मानसून समय पर दस्तक दे — यही अब हर मुंबईकर की दुआ है।

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