नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर (जल) आरपी सिंह के खिलाफ स्थानीय निवासियों और प्रभावित पक्षों का गुस्सा फूट पड़ा। कल दोपहर अथॉरिटी के नोएडा सेक्टर-6 स्थित मुख्यालय पर सैकड़ों लोगों ने जमावड़ा लगाकर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरपी सिंह के खिलाफ ‘आरपी सिंह मुर्दाबाद! मुर्दाबाद! मुर्दाबाद!’ के नारे लगाए, जो पूरे इलाके में गूंजते रहे।
प्रदर्शन की शुरुआत कल दोपहर में हुई, जब एक समूह ने जीएम (जल) के कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। भीड़ ने बार-बार ‘आरपी सिंह मुर्दाबाद’ का जाप किया, जो कम से कम छह बार दोहराया गया। एक मुख्य प्रदर्शनकारी ने मंच से चिल्लाते हुए कहा, “आरपी सिंह होश में आओ!” इस पर पूरी भीड़ ने एक स्वर में ‘होश में आओ! होश में आओ!’ का जवाब दिया। प्रदर्शनकारी आरपी सिंह पर जल आपूर्ति में देरी, गंदे पानी की समस्या और अथॉरिटी की उदासीनता का आरोप लगा रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नोएडा के कई सेक्टरों जैसे सेक्टर-62, 63 और 137 में पिछले कई महीनों से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। पानी की कमी के कारण लोग टैंकरों पर निर्भर हैं, जो महंगे पड़ रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “आरपी सिंह ने कई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। हमारा सब्र अब जवाब दे गया है।” आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अथॉरिटी से तत्काल समाधान की मांग की।
नोएडा अथॉरिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है। जीएम (जल) आरपी सिंह ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नारेबाजी साफ सुनाई दे रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत रहने की चेतावनी दी है, लेकिन धरना जारी है। अथॉरिटी ने पिछले सप्ताह ही जल संकट पर एक बैठक बुलाई थी, जिसमें ट्यूबवेलों की मरम्मत और नई पाइपलाइनों की योजना पर चर्चा हुई। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये सिर्फ कागजी घोषणाएं हैं। यदि जल्द समाधान न हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा। नोएडा के जल संकट ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्षी दलों ने अथॉरिटी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद सेक्टर-6 क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। अधिक जानकारी के लिए नोएडा अथॉरिटी की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन 0120-2502187 पर संपर्क करें।

