गौतमबुद्ध नगर पुलिस के थाना साइबर क्राइम ने साइबर अपराध के एक बड़े मामले में अपनी दूसरी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दूसरे वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। यह गिरफ्तारी साइबर फ्रॉड के एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें अब तक करोड़ों रुपये का ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अभी गोपनीय रखी गई है, लेकिन प्रारंभिक पूछताछ में उसने कई साइबर फिशिंग और डिजिटल वॉलेट हैकिंग की वारदातों में संलिप्तता स्वीकार की है। थाना साइबर क्राइम के SHO ने बताया, “यह गिरफ्तारी हमारे विशेष जांच दल की मेहनत का नतीजा है। आरोपी के फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद करेंगे।” पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह मुख्य रूप से UPI ट्रांजेक्शन और फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों को ठगता था, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सैकड़ों शिकार शामिल हैं।
राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं
इस गिरफ्तारी पर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे गौतमबुद्ध पुलिस की दक्षता का प्रमाण बताते हुए बधाई दी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “ भाजपा सरकार के आने के बाद साइबर क्राइम में कमी आई है। यह गिरफ्तारी इसका जीता-जागता सबूत है।” दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, “दूसरा आरोपी पकड़ा गया, लेकिन गिरोह का सरगना अभी भी फरार है। क्या सरकार साइबर सुरक्षा को मजाक समझ रही है?”
जनता की प्रतिक्रियाएं: सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी
सामान्य जनता में भी यह खबर सुर्खियां बटोर रही है। दिल्ली के रहने वाले राहुल शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरा दोस्त पिछले साल 50 हजार का चूना चला गया था। अच्छा हुआ ये गिरोह पकड़ा जा रहा है, लेकिन हमारी बचत कैसे सुरक्षित रहेगी?” वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “पुलिस को बधाई, लेकिन साइबर जागरूकता कैंप लगाने चाहिए। हर कोई नहीं जानता फिशिंग क्या होती है।”
ट्विटर पर #CyberCrimeNoida ट्रेंड कर रहा है, जहां हजारों यूजर्स अपनी कहानियां साझा कर रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक,Noida में पिछले एक साल में साइबर फ्रॉड के 5,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जिनमें से 40% अभी अनसुलझे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर क्राइम रोकने के लिए जन-जागरूकता और तकनीकी अपग्रेड जरूरी है। पुलिस ने अपील की है कि साइबर फ्रॉड का शिकार कोई भी व्यक्ति थाना साइबर क्राइम से संपर्क करे। जांच जारी है, और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की उम्मीद है।

