साइबर फ्रॉड से सावधान: गौतमबुद्धनगर जॉइंट पुलिस कमिश्नर की अपील, OTP-बैंक डिटेल शेयर न करें, 1930 पर तुरंत कॉल करें

साइबर फ्रॉड से सावधान: गौतमबुद्धनगर के जॉइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्र ने नागरिकों से साइबर फ्रॉड के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने अनजान लिंक, कॉल और मैसेज से दूरी बनाने तथा OTP, बैंक डिटेल और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

यह अपील ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले तीन महीनों में ही देशभर में डिजिटल ट्रांजैक्शन फ्रॉड के 1.5 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश में पिछले एक साल में 25,000 से अधिक शिकायतें राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दर्ज की गईं, जिसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में फिशिंग, UPI स्कैम और फर्जी ऐप्स के मामले प्रमुख रहे।

राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि अपराधी अक्सर ‘कस्टमर केयर’ बनकर फोन करते हैं या व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर बैंक खाते को ‘सुरक्षित’ करने का लालच देते हैं। “एक क्लिक या OTP शेयर करने से पूरा खाता खाली हो सकता है। हमने हाल ही में नोएडा में 50 से ज्यादा फ्रॉड मामलों का पर्दाफाश किया, जहां लाखों रुपये की ठगी हुई थी,” उन्होंने कहा। पुलिस कमिश्नर ने जागरूकता अभियान के तहत सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर वर्कशॉप आयोजित करने की योजना भी बताई।

आम फ्रॉड ट्रिक्स और बचाव के उपाय

फिशिंग लिंक: अनजान URL पर क्लिक न करें; हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट चेक करें।

OTP चोरी: कभी भी OTP मांगने वाले को न दें; बैंक कभी फोन पर यह नहीं मांगते।

संदिग्ध कॉल: 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

ताजा आंकड़े: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2025 में साइबर क्राइम 63% बढ़े, ज्यादातर UPI और ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़े। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘साइबर सतर्क योद्धा’ बनें और परिवार-परिचितों को भी जागरूक करें। मिश्र ने कहा, “जल्दी शिकायत से 90% मामलों में पैसे वापस मिल सकते हैं।”

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