बंगाल में ‘लोकतंत्र का महापर्व’ या ‘हिंसा का उत्सव’?, दूसरे चरण में 90% के पार मतदान, पर EVM टेपिंग, बम और लाठीचार्ज ने उठाए सवाल

142 सीटों पर 3.22 करोड़ मतदाताओं ने डाला वोट, 4 मई को आएंगे नतीजे, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार को सम्पन्न हुआ। 142 सीटों पर 3.22 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया। मतदान में जहाँ एक ओर उत्साह और जोश दिखा, वहीं दूसरी ओर EVM टेपिंग, बम बरामदगी, लाठीचार्ज और राजनीतिक हिंसा ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए।

रिकॉर्ड मतदान — 2021 को भी पीछे छोड़ा

शुरुआती घंटों में मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, खासकर महिला मतदाताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।  शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 89.99% को पार कर गया, जो 2021 के मतदान से भी अधिक रहा। दोपहर तक 142 सीटों पर 61% से अधिक मतदान हो चुका था। दोपहर 3 बजे तक यह आंकड़ा करीब 79% तक पहुँच गया। पहले चरण से तुलना करें तो 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 152 सीटों पर 92 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया था। महिला मतदाताओं की भागीदारी इस बार भी पुरुषों से अधिक रही, जो एक उल्लेखनीय लोकतांत्रिक संकेत माना जा रहा है।

EVM में टेपिंग — सबसे बड़ा विवाद

इस चुनाव का सबसे बड़ा विवाद दक्षिण 24 परगना के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से सामने आया। यह इलाका टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी जहाँगीर खान का गढ़ है। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम में कथित गड़बड़ी को लेकर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख ने चुनाव आयोग से शिकायत की। भाजपा नेताओं ने वीडियो साझा कर दावा किया कि कई बूथों पर भाजपा और CPM उम्मीदवारों के नाम के पास टेप चिपकाया गया था, जिससे मतदाता इन विकल्पों को दबाने में असमर्थ रहे। दक्षिण 24 परगना के फाल्टा में भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा ने भी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया और कहा कि कई जगहों पर भाजपा के चिह्न वाला बटन जाम था, ताकि मतदाता उन्हें वोट न दे सकें। विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन बूथों पर धांधली की पुष्टि होगी, वहां चुनाव आयोग नियमानुसार दोबारा मतदान कराएगा।

हिंसा और बम — लोकतंत्र के माथे पर कलंक

नादिया, पनिहाटी, उत्तर 24 परगना, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना समेत कई इलाकों में भाजपा-टीएमसी और ISF कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट और हिंसक झड़पें हुईं। नदिया जिले के चापड़ा में बूथ नंबर 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट के साथ मारपीट की गई और पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि हमलावर सत्ताधारी टीएमसी से जुड़े थे। बसंती विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर हमला किया गया और उनके ड्राइवर के साथ मारपीट की गई।

सबसे चौंकाने वाली घटना पूर्व वर्धमान जिले से आई। एक मतदान केंद्र के पास बम की सूचना मिलने पर सुरक्षा बल अलर्ट हो गए और NIA, CID तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में दो गुटों के बीच EVM को लेकर झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। टीएमसी की ओर से गंभीर आरोप लगाया गया कि दक्षिण 24 परगना में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु केंद्रीय बलों की धक्का-मुक्की के कारण हुई, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

डायमंड हार्बर — बंगाल का ‘लयारी’ और NIA की नजर

भांगर जैसे इलाकों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमें निगरानी कर रही थीं। अभिषेक बनर्जी का गढ़ माने जाने वाले डायमंड हार्बर में असामान्य रूप से भारी सुरक्षा तैनात रही। भाजपा ने इस क्षेत्र को “बंगाल का लयारी” करार दिया है — यानी एक ऐसा इलाका जो बाहुबल और दादागिरी के लिए जाना जाता हो।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं — आरोप-प्रत्यारोप का दौर

ममता बनर्जी (मुख्यमंत्री, टीएमसी): ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षा बल कुछ जगहों पर एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं और निष्पक्ष मतदान को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने भवानीपुर में अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में वापसी कर रही है।

सुवेंदु अधिकारी (नेता प्रतिपक्ष, भाजपा): सुवेंदु अधिकारी एक मतदान केंद्र से निकलते हुए ‘जय श्री राम’ और ‘हिंदू हिंदू भाई-भाई’ के नारे लगाते देखे गए, इस दौरान वे टीएमसी समर्थकों के घेरे में आ गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूँ कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें, ताकि हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत बनाया जा सके।”

राहुल गांधी (कांग्रेस): कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदान से पहले दावा किया कि चुनाव के बाद एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे और जनता पर महंगाई की मार पड़ने वाली है।

मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष): कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य के मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हर नागरिक को बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।

आम जनता की आवाज — ‘वोट डालना हमारा हक है’ बारानगर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदाता ने मीडिया को बताया, “हम सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े हैं, एक ही बूथ पर पांच बार EVM बदली जा चुकी है, फिर भी मतदान शुरू नहीं हो सका।” ऐसी ही आवाजें पूरे बंगाल में गूँजती रहीं — कोई अपना अधिकार माँग रहा था, कोई डरा-सहमा था और कोई उत्साह से नया भविष्य चुन रहा था।

सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने कहा कि सभी घटनाओं की जांच की जा रही है और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। चुनाव के बाद भी 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी राज्य में तैनात रहेंगे। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ राज्य पुलिस और विशेष एजेंसियाँ तैनात रहीं और मतदान केंद्रों के आसपास 100 मीटर के दायरे में सख्त निगरानी रखी गई।

एग्जिट पोल और आगे की राह

मतदान समाप्त होते ही तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के साथ-साथ बंगाल के लिए भी एग्जिट पोल जारी हुए। 4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे और उसी दिन पूरे राज्य का चुनावी भविष्य तय होगा। 2021 विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने इन 142 में से 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी, और इस बार भी उसे अपना गढ़ बचाए रखने की चुनौती है। बंगाल का यह चुनाव एक बार फिर साबित कर गया कि यहाँ का राजनीतिक तापमान हमेशा उबलता रहता है। रिकॉर्ड मतदान लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है, लेकिन EVM विवाद, हिंसा और पक्षपात के आरोप उस तस्वीर पर धब्बा लगाते हैं। अब सबकी नजरें 4 मई पर टिकी हैं।

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