‘बंगाल पहले, दिल्ली अगला’: ममता बनर्जी का भाजपा को चेतावनी, फेज-2 से पहले तनाव चरम पर, TMC का यह महाजंगलराज अब नहीं चलेगा

‘बंगाल पहले, दिल्ली अगला’: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण (29 अप्रैल) से ठीक पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच राजनीतिक जंग चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में रैली संबोधित करते हुए साफ चेतावनी दी, “बंगाल जीतने के बाद हम दिल्ली पर कब्जा करेंगे।” उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी की जीत दिल्ली में भाजपा सरकार हटाने का रोडमैप बनेगी।

ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल जीतने के बाद मैं दिल्ली पर कब्जा कर लूंगी… बंगाल में न सिर्फ तबाही होगी, बल्कि दिल्ली से भी भाजपा को हटाना पड़ेगा।” उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को सरकारी पदों पर बिठाया है और उनकी सूची तैयार है। ममता ने कहा, “आप हमें हरा नहीं सकते। हम अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं, हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं। मैं बंगाल में पैदा हुई और बंगाल में ही मरूंगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केंद्र में शासन नहीं करना चाहतीं, लेकिन भाजपा को दिल्ली से हटाना जरूरी है।

मोदी-शाह की जोरदार जवाबी हमला

इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमदम में रैली कर टीएमसी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पहले चरण के रिकॉर्ड 92.89 प्रतिशत मतदान को “जंगल राज का अंत” बताया और कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। मोदी ने चेतावनी दी, “4 मई को नतीजे आने के बाद टीएमसी के गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी, कोई उन्हें बचा नहीं पाएगा। हर अन्याय और अत्याचार के फाइलें खोली जाएंगी—यह मोदी की गारंटी है।” उन्होंने टीएमसी शासन को “महा जंगल राज” करार दिया और कहा कि महिलाएं टीएमसी सरकार बदलेंगी।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार बनने पर आयुष्मान भारत योजना लागू होगी, जिससे पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और “सिंडिकेट राज” खत्म करने का वादा किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा सरकार बनने पर व्यापारियों को ‘भतीजा टैक्स’ या ‘भाईपो टैक्स’ नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने भ्रष्टाचार पर सफेद कागज जारी करने और रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच का ऐलान किया। शाह ने दावा किया कि भाजपा 152 में से 110 से ज्यादा सीटें जीतेगी और बंगाल में “आतंक, भ्रष्टाचार तथा तुष्टिकरण” का अंत होगा।

पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान

चुनाव आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों (16 जिलों) में मतदान हुआ, जिसमें लगभग 3.6 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया। मतदान प्रतिशत 92.89 रहा, जो 2021 के मुकाबले 10 प्रतिशत से ज्यादा है और स्वतंत्र भारत के इतिहास में बंगाल का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। टीएमसी का दावा है कि यह मतदान उनकी सरकार के समर्थन में है, जबकि भाजपा इसे “परिवर्तन की लहर” बता रही है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और सभी नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

अन्य राज्यों में पोस्ट-पोल चर्चा

केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में मतदान समाप्त होने के बाद पोस्ट-पोल चर्चाएं तेज हो गई हैं। बंगाल में टीएमसी-भाजपा के बीच यह मुकाबला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। ममता बनर्जी की “बंगाल पहले, दिल्ली अगला” वाली रणनीति और मोदी की “फाइलें खोलने” वाली गारंटी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान और 4 मई के नतीजे इस तीखी जंग का क्या फैसला देते हैं। दोनों पक्ष पूरे जोर-शोर से प्रचार में जुटे हुए हैं, जबकि सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है।

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