पीएम मोदी की अध्यक्षता में बड़ी बैठकें: सुरक्षा और आर्थिक मामलों की हुई समीक्षा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक सुबह 11:30 बजे आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।

CCS बैठक: देश की सुरक्षा की गहन समीक्षा

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा से जुड़े हालात का जायजा लेना और विभिन्न मंत्रालयों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा करना था। सीसीएस देश की सर्वोच्च सुरक्षा नीति-निर्माण संस्था है और इसकी बैठक देश के सामने आने वाली किसी भी बड़ी सुरक्षा चुनौती के समय बुलाई जाती है।  बैठक में कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। इसके अलावा एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति के विविधीकरण, ईंधन शुल्क में कटौती और बिजली क्षेत्र के उपायों की समीक्षा कर आवश्यक आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

पश्चिम एशिया संकट: ऊर्जा सुरक्षा पर मंथन

इस बैठक की पृष्ठभूमि में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का महत्वपूर्ण संदर्भ है। इस क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। जारी संघर्ष से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। इससे पहले हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया था कि सरकार की सभी शाखाएं मिलकर काम करें और नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने महत्वपूर्ण वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।

CCEA और कैबिनेट बैठक: आर्थिक एजेंडे पर फोकस

CCS के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) और केंद्रीय कैबिनेट की बैठक को भी संबोधित किया।  इन बैठकों में देश की आर्थिक स्थिति, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और किसानों के लिए उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से खरीफ और रबी मौसम में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतें बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर भी विचार किया गया।

पिछली CCS बैठक का संदर्भ

इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को भी पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में CCS की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की थी। उस बैठक में कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेषकर एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति तथा पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी।

बैठक का महत्व

आज की तीन महत्वपूर्ण बैठकें — CCS, CCEA और केंद्रीय कैबिनेट — इस बात का संकेत हैं कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दोनों मोर्चों पर एकसाथ सक्रिय है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नागरिकों की आवश्यक जरूरतों — भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा — को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और वैश्विक उथल-पुथल से देश को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे।

 

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