TCS Corporate Jihad: महाराष्ट्र के नाशिक स्थित TCS के BPO केंद्र में यौन उत्पीड़न और धार्मिक जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में नया मोड़ आया है। मामले की प्रमुख आरोपी निदा खान (26 वर्ष) फिलहाल मुंबई में अपने परिवार के साथ है और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है। पुलिस की गिरफ्त से दूर रहते हुए उसने नाशिक की एक अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है, जिसमें उसके वकील गर्भावस्था और स्वास्थ्य को आधार बनाएंगे।
परिवार का दावा “वो भागी नहीं, घर पर है”
निदा के परिवार ने पुलिस के उस दावे को सिरे से खारिज किया है जिसमें उसे ‘फरार’ बताया गया था। परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि निदा HR टीम की सदस्य नहीं थी जैसा सोशल मीडिया पर प्रचारित हो रहा था। वास्तव में वह दिसंबर 2021 से सेल्स विभाग में टेलीकॉलर के रूप में काम करती थी, और कंपनी में उसके ऊपर कम से कम तीन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी थे। जमानत अर्जी में गर्भावस्था के अलावा जाँच में सहयोग और किसी जबरन कृत्य में प्रत्यक्ष भूमिका न होने के बिंदु भी उठाए जाएंगे। SIT (विशेष जांच दल) आरोपी के परिवार के इन दावों को मेडिकल रिकॉर्ड से सत्यापित करने की तैयारी में है।
TCS ने किया निलंबित
TCS ने निदा खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसे कंपनी नेटवर्क से हटा दिया है और सभी कंपनी संपत्तियाँ वापस करने का निर्देश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला मार्च 2026 के अंत में तब सामने आया जब एक महिला कर्मचारी ने देवलाली कैंप थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कुल 9 FIR दर्ज हुईं 8 महिला कर्मचारियों और 1 पुरुष कर्मचारी की। शिकायतकर्ता 23 वर्षीया महिला ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ कर्मचारी डेनिश शेख ने शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, और आरोपियों ने इस्लाम की ‘श्रेष्ठता’ का प्रचार कर उसे प्रभावित करने की कोशिश की। नाशिक पुलिस ने 40 दिनों तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया जिसमें 6 महिला पुलिस अधिकारियों को BPO दफ्तर में तैनात किया गया था। अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
फड़णवीस की चेतावनी “कोई नहीं बचेगा”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कोलकाता में पत्रकारों से कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और TCS ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी को भी बचाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मॉड्यूल के सभी संबंधों की जाँच करेगी और केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा। NITES (नवजात सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारी सीनेट) ने श्रम मंत्रालय से TCS में POSH (कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम) अनुपालन का विस्तृत ऑडिट करने की माँग की है।

