Bengal elections : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार अपनी रणनीति पूरी तरह बूथ प्रबंधन पर केंद्रित कर दी है। पिछली चुनावी कमजोरियों से सबक लेते हुए पार्टी अब जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने में जुटी है।
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बूथ ही बने चुनावी रणभूमि
राज्य में कुल 85,379 बूथों में से अधिकांश पर BJP ने बूथ कमेटियों का गठन कर लिया है। पार्टी का लक्ष्य है कि मतदान के दिन किसी भी बूथ पर कार्यकर्ता अनुपस्थित न रहें। 2021 के चुनाव में कई जगहों पर कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हुई थी पार्टी कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान खत्म होने तक बूथ पर डटे रहें और हर मतदाता को सुरक्षित मतदान का भरोसा दिलाएं।
मोदी का फोकस: बूथ मैनेजमेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद करते रहे हैं। BJP की चुनावी सफलता में बूथ प्रबंधन को सबसे मजबूत कड़ी माना जाता है और इसी मॉडल को बंगाल में और मजबूत किया जा रहा है।
हिंदू वोट बैंक पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी इस बार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बंगाल में हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP इस रणनीति के जरिए ममता बनर्जी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
हिंसा और डर के माहौल से निपटने की तैयारी
पार्टी ने कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया है कि वे चुनावी हिंसा और डर के माहौल से निपटने के लिए तैयार रहें। पिछली बार कई बूथों पर कार्यकर्ताओं को हटाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इस बार पार्टी ने हर बूथ को “सुरक्षित” रखने का लक्ष्य तय किया है।
राज्य को 5 हिस्सों में बांटकर जिम्मेदारी तय
बेहतर प्रबंधन के लिए BJP ने पूरे राज्य को पांच जोन में बांटकर अलग-अलग संगठन मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। ये नेता लगातार बूथ स्तर पर बैठकों, समीक्षा और संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। शक्ति केंद्र (3–5 बूथों का समूह) बनाकर हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी बूथ पर कमजोरी न रहे।
कड़ी टक्कर की तैयारी
BJP नेताओं का दावा है कि इस बार बूथ प्रबंधन के मामले में वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) से पीछे नहीं रहेंगे। चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है और साफ है कि इस बार पश्चिम बंगाल में मुकाबला सीधे बूथ स्तर पर तय होगा, जहां हर वोट और हर कार्यकर्ता की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।
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