मालदा हॉस्टेज कांड: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में वोटर लिस्ट संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान हुए विवाद में सात न्यायिक अधिकारियों (जिनमें तीन महिलाएं शामिल थीं) को नौ घंटे से ज्यादा समय तक घेरकर हॉस्टेज बनाए रखने के मामले में AIMIM नेता और कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील मोफक्केरुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को बागडोगरा एयरपोर्ट से पकड़ा, जब वे राज्य से भागने की कोशिश कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें मालदा में हुए विरोध प्रदर्शन (खासकर सुजापुर क्षेत्र में) का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भड़काने वाले भाषण दिए थे, जो बाद में कालीचक-2 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में न्यायिक अधिकारियों के घेराव में बदल गए।
घटना का संक्षिप्त विवरण:
बुधवार को वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों को जाम कर दिया तथा न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया। अधिकारियों को भोजन और पानी तक नहीं दिया गया। देर रात पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित निकाला। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को “पूर्व-नियोजित, गणना की गई और प्रेरित” करार दिया है तथा राज्य सरकार की निष्क्रियता पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया।
इस मामले में अब तक 17-18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के एक उम्मीदवार भी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने जांच NIA को सौंप दी है। मोफक्केरुल इस्लाम 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में AIMIM के टिकट पर इतहार सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। पुलिस उनका रोल आगे की जांच में देख रही है। यह घटना पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना रही है, जहां वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

