ट्रंप का ईरान पर हमला: पाषाण युग की धमकी से लेकर शांति वार्ता तक

Donald Trump:

Donald Trump: वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने राष्ट्र संबोधन में ईरान पर अपनी कड़ी नीति और विदेश नीति के दृष्टिकोण का विवरण दिया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते में गंभीर गलती हुई थी। ट्रंप ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद देकर उनका सम्मान खरीदने की कोशिश की, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ।

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 ट्रंप के संबोधन की प्रमुख बातें

  1. निर्णायक जीत का दावा: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल कर ली है और यह संघर्ष अब महत्वपूर्ण मोड़ पर है।
  2. ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर: उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल भंडार भारी नुकसान झेल चुके हैं।
  3. ईरान में नेतृत्व परिवर्तन: पुराने कट्टरपंथी नेतृत्व की जगह अब कम कट्टरपंथी समूह ने ले ली है।
  4. परमाणु बम रोकथाम: ट्रंप ने दोहराया कि ईरान अब परमाणु बम नहीं बनाएगा।
  5. मध्य पूर्व सहयोगियों के साथ अमेरिका खड़ा: उन्होंने कहा कि अमेरिका इस्राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन के साथ खड़ा रहेगा।

 पाषाण युग की धमकी और सख्त नीति

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका अगले दो-तीन हफ्तों तक ईरान पर और सख्त हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “हम ईरान को पाषाण युग में वापस भेज देंगे, जहां वे असल में होने चाहिए।”

 अमेरिकी सेना और ऊर्जा ढांचे पर हमला

ट्रंप ने अमेरिकी सशस्त्र बलों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान की प्रॉक्सी ताकतों को कुचल दिया है। साथ ही, यदि कोई अंतिम समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा।

 47 साल का संघर्ष और अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह कार्रवाई पिछले 47 वर्षों के संघर्ष का जवाब है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर डाली और नाटो सहयोगियों पर नाराजगी जताई।

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