उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव: डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी का तबादला, महराजगंज के नए एसपी बने, IPS शैव्या गोयल बनीं सेंट्रल नोएडा की नई DCP

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर शाम प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक साथ 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की। इस फेरबदल में लखनऊ, नोएडा और वाराणसी जैसे बड़े कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों को जिलों की कमान सौंपी गई है।

कहाँ भेजे गए शक्ति मोहन अवस्थी?

नोएडा सेंट्रल के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी को पुलिस उपायुक्त गौतमबुद्धनगर से पुलिस अधीक्षक महराजगंज के पद पर तैनाती दी गई है। महराजगंज पहुँचने पर नवागत एसपी का एएसपी, सीओ और अन्य पुलिस विभागीय अधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया।

कौन लेगा उनकी जगह?

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक बदलाव के तहत IPS शैव्या गोयल को सेंट्रल नोएडा जोन का नया Deputy Commissioner of Police (DCP) नियुक्त किया गया है। वे सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) से पदोन्नत होकर पहले Additional DCP बन चुकी थीं और अब उन्हें जोन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शैव्या गोयल 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी (RR-2021) हैं। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2020 में 81वीं रैंक हासिल की थी। उनकी शैक्षिक योग्यता LL.B. है, जो कानूनी मामलों में उनकी समझ को मजबूत बना रही है। वे शमली (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली हैं।

तेजतर्रार और ईमानदार अधिकारी के रूप में छवि

शैव्या गोयल को साइबर क्राइम, नारकोटिक्स और आंतरिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील विभागों को संभालने का अनुभव है। उनकी कार्यशैली को तेजतर्रार, ईमानदार और जनता के प्रति संवेदनशील माना जाता है। उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए 15 अगस्त 2024 को डीजीपी के रजत प्रशंसा चिह्न (DGP’s Commendation Disc – Silver) से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें प्रशासनिक स्पष्टता, शांत नेतृत्व और लोगों-केंद्रित पुलिसिंग के लिए जाना जाता है।

नई जिम्मेदारी से उम्मीदें

इस नियुक्ति के बाद सेंट्रल नोएडा जोन में अपराध नियंत्रणमहिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नारकोटिक्स जैसे मुद्दों पर और अधिक प्रभावी कार्रवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में यह बदलाव नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। शैव्या गोयल 19 मार्च 2025 से गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में Additional DCP के रूप में कार्यरत थीं। उनकी नई पोस्टिंग से स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग को और बेहतर बनाने की चर्चा है।

क्या है शक्ति मोहन अवस्थी का बैकग्राउंड?

शक्ति मोहन अवस्थी ने 25 साल की उम्र में यूपीएससी में सफलता प्राप्त की। उन्होंने विदेश में इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2018 में तीसरे प्रयास में 154वीं रैंक हासिल कर देश के सबसे युवा आईपीएस अफसरों में अपनी जगह बनाई। वे उत्तर प्रदेश कैडर में 2019 बैच के आईपीएस अफसर हैं और मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने पहले आईआरएस में प्रवेश किया, लेकिन आईपीएस बनने की चाह में दोबारा परीक्षा दी। उनकी पत्नी डॉ. पूजा गुप्ता आईएएस हैं और गाजियाबाद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात हैं। नोएडा के डीसीपी के रूप में उन्होंने 40,000 करोड़ के जीएसटी घोटाले का खुलासा करके सुर्खियाँ बटोरीं।

नोएडा में कैसा रहा कार्यकाल?

नोएडा में डीसीपी सेंट्रल के पद पर उनके कार्यकाल को प्रभावी और सख्त प्रशासनिक शैली के लिए जाना जाता रहा है।

दोनों अधिकारियों की प्रतिक्रिया

नवागत एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने महराजगंज पहुँचकर अधिकारियों से संक्षिप्त मुलाकात कर जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर प्रारंभिक जानकारी ली। उनके आगमन से जिले में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। वहीं, पूर्व एसपी सोमेंद्र मीणा का तबादला कर उन्हें रामपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कार्यभार हस्तांतरित किया।

बड़े फेरबदल का संदर्भ

कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 13 जिलों के पुलिस कप्तानों समेत कुल 27 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस सूची में लखनऊ और नोएडा जैसे बड़े कमिश्नरेट से लेकर पीएसी वाहिनियों तक के अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

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