नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने सोमवार को सेक्टर-10 स्थित एक औद्योगिक प्लाट पर अवैध रूप से संचालित हो रहे बाइक शोरूम को सील कर दिया। भू-उपयोग के नियमों के विपरीत वाणिज्यिक गतिविधियां चलाए जाने पर प्राधिकरण ने यह सख्त कार्रवाई की। हालांकि इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि सीलिंग की कार्रवाई के बाद भी शोरूम के कर्मचारी अंदर काम करते हुए दिखाई दिए, जिससे प्राधिकरण की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-10 में औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित एक प्लाट पर लंबे समय से बाइक शोरूम का संचालन किया जा रहा था। नियमों के तहत औद्योगिक भूखंड पर केवल औद्योगिक गतिविधियां ही संचालित की जा सकती हैं। वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए इसका उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस नियम का उल्लंघन करते हुए आवंटी द्वारा उक्त प्लाट पर बाइक शोरूम चलाया जा रहा था।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहला मामला नहीं है जब सेक्टर-10 में इस तरह की कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी प्राधिकरण इसी सेक्टर में एक कार शोरूम को सील कर चुका है, जो औद्योगिक भूखंड पर अवैध रूप से संचालित हो रहा था। इन दोनों मामलों से यह स्पष्ट होता है कि सेक्टर-10 के औद्योगिक क्षेत्र में भू-उपयोग नियमों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया जा रहा है।
नोटिस के बाद भी नहीं माने आवंटी
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शोरूम संचालक को पहले ही नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। आवंटी को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया था कि औद्योगिक प्लाट पर वाणिज्यिक गतिविधि चलाना नियमों के विरुद्ध है और इसे तत्काल बंद किया जाए। लेकिन आवंटी ने न तो नोटिस का कोई जवाब दिया और न ही अपनी गतिविधियों में कोई सुधार किया। बार-बार की चेतावनियों के बावजूद नियम उल्लंघन जारी रहने पर प्राधिकरण ने अंततः सोमवार को सीलिंग की कार्रवाई की।
सील के बाद भी जारी रहा काम, उठे सवाल
सीलिंग की कार्रवाई के बाद जो तस्वीर सामने आई वह और भी चिंताजनक है। प्राधिकरण द्वारा शोरूम सील किए जाने के बाद भी वहां के कर्मचारी अंदर काम करते हुए नजर आए। यह स्थिति प्राधिकरण की कार्रवाई की गंभीरता और उसके अनुपालन पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि सीलिंग के बाद भी कारोबार जारी रहता है तो ऐसी कार्रवाई का क्या औचित्य है।
प्राधिकरण की मंशा पर टिकी नजरें
नोएडा प्राधिकरण ने हाल के महीनों में भू-उपयोग उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज किया है। औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमों के विपरीत चल रही गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्राधिकरण समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है। लेकिन सीलिंग के बाद भी शोरूम में काम जारी रहने की घटना से यह स्पष्ट होता है कि केवल सील लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके बाद की निगरानी और कड़ी कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्राधिकरण इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शोरूम संचालक के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि सील किए गए प्रतिष्ठान में दोबारा कोई व्यावसायिक गतिविधि न हो सके।

