जेवर में विकास की नई उड़ान: प्रधानमंत्री ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, प्रोपर्टी बाज़ार को बूस्ट

जेवर/गौतम बुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौतम बुद्ध नगर के जेवर में नवनिर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पहले चरण का भव्य उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सांसद डॉ. महेश शर्मा, जिला प्रभारी मंत्री ब्रजेश सिंह और कई वरिष्ठ भाजपा नेता व विधायक मौजूद रहे।उद्घाटन के बाद अब यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के प्रॉपर्टी बाज़ार को एक नया बूस्ट मिल गया है दरअसल पिछले कुछ दिनों से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की प्रॉपर्टी के रेट नीचे आ रही है मगर उम्मीद जतायी जा रही है कि अब ये रेट बढ़ सकते हैं।

बता दें कि आज उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का अवलोकन किया और इसे “विकसित भारत” और “विकसित उत्तर प्रदेश” के संकल्प का प्रतीक बताया।

एयरपोर्ट की प्रमुख खूबियाँ: एक नज़र में

विभिन्न स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

1. देश का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कुल 13000 एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित किया जा रहा है। पूर्ण विस्तार के बाद यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया के चुनिंदा विशालतम हवाई अड्डों में से एक होगा। इसमें भविष्य में 6 रनवे बनाने की योजना है।

2. डिजिटल और ईको-फ्रेंडली (Net Zero Carbon)

  • पेपरलेस एंट्री: यह देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जहाँ DigiYatra प्रणाली पूरी तरह एकीकृत है, जिससे यात्रियों को बायोमेट्रिक आधारित निर्बाध प्रवेश मिलेगा।
  • शून्य कार्बन उत्सर्जन: इसे ‘नेट जीरो कार्बन’ उत्सर्जन वाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया गया है, जहाँ ऊर्जा की अधिकांश ज़रूरतें सोलर पावर से पूरी होंगी।

3. क्षमता और संचालन

  • यात्री क्षमता: पहले चरण में इसकी क्षमता सालाना 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने की है, जिसे अंतिम चरण तक 7 करोड़ से अधिक तक ले जाया जाएगा।
  • विमानों की आवाजाही: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि यहाँ की तकनीक इतनी उन्नत है कि भविष्य में हर 2 मिनट में एक विमान यहाँ से उड़ान भर सकेगा।

4. भारतीय संस्कृति की झलक (स्विस तकनीक, भारतीय दिल)

भले ही इसका निर्माण स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी कर रही है, लेकिन इसकी वास्तुकला में भारतीयता रची-बसी है।

  • हवाई अड्डे के टर्मिनल को बनारस के घाटों और हवेलियों के आंगन की तर्ज पर डिजाइन किया गया है।
  • इसकी छत की लहरदार डिजाइन गंगा नदी की पवित्रता और प्रवाह को दर्शाती है।

5. मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी (हर रास्ते से आसान पहुंच)

यह एयरपोर्ट सड़क, रेल और मेट्रो के एक अनोखे जाल से जुड़ा है:

  • यमुना एक्सप्रेसवे: सीधे एयरपोर्ट के टर्मिनल तक 750 मीटर की लिंक रोड बनाई गई है।
  • मेट्रो और RRTS: इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली मेट्रो और नमो भारत (RRTS) से जोड़ने की योजना है।
  • लॉजिस्टिक्स हब: यहाँ एक विशाल कार्गो हब भी विकसित किया गया है, जो पश्चिमी यूपी के उद्योगों (जैसे एमएसएमई, कृषि उत्पाद, और ओडीओपी) को वैश्विक बाजारों से जोड़ेगा।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट

इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा, बल्कि आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ और बुलंदशहर जैसे शहरों की किस्मत बदलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेगा और इसे “उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन” बताया।

 

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