एयरटेल अफ्रीका: भारती एयरटेल की अफ्रीकी subsidiary Airtel Africa और Elon Musk की SpaceX (Starlink) ने केन्या में Starlink Mobile (डायरेक्ट-टू-सेल) टेक्नोलॉजी का सफल टेस्ट पूरा कर लिया है। इस टेस्ट में बिना किसी अतिरिक्त डिश या हार्डवेयर के सामान्य 4G स्मार्टफोन Starlink के 650 से ज्यादा लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स से सीधे जुड़कर डेटा, मैसेजिंग और ऐप्स इस्तेमाल कर सकेंगे।
टेस्टिंग उन इलाकों में की गई जहां पारंपरिक मोबाइल टावरों का सिग्नल बिल्कुल नहीं पहुंचता (डेड जोन)। उपयोगकर्ताओं ने WhatsApp कॉलिंग, मैसेजिंग, मैप्स, Facebook Messenger और Airtel Money जैसी मोबाइल फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन बिना किसी रुकावट के किए। Airtel Africa ने इसे “महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताया है।
अफ्रीका में आगे की योजना
Airtel Africa अपने 14 अफ्रीकी बाजारों में 2026 से व्यावसायिक रूप से Starlink Mobile लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। शुरुआत में मैसेजिंग और लिमिटेड डेटा सर्विस होगी। अगले चरण में Starlink Mobile V2 टेक्नोलॉजी से वॉइस कॉलिंग और हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड डायरेक्ट मोबाइल फोन पर उपलब्ध होगी। इससे दूरदराज के गांवों, जंगलों और पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी। यह टेस्ट दिसंबर 2025 में Airtel Africa और SpaceX के बीच हुए समझौते का नतीजा है।
भारत में स्थिति क्या है?
भारत में Airtel और Starlink के बीच मार्च 2025 में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड (डिश वाली सर्विस) के लिए समझौता हुआ था। Airtel Starlink के उपकरण अपने स्टोर्स पर बेचेगा और बिजनेस कस्टमर्स को सर्विस देगा। Reliance Jio के साथ भी इसी तरह का डील हुआ है|हालांकि स्मार्टफोन पर डायरेक्ट सैटेलाइट कनेक्टिविटी (Direct-to-Cell) की बात करें तो भारत में अभी यह सर्विस शुरू नहीं हुई है।
मुख्य कारण:
Starlink को भारत में पूर्ण ऑपरेटिंग लाइसेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन अभी तक नहीं मिला। DoT, TRAI और IN-SPACe के बीच स्पेक्ट्रम प्राइसिंग, सिक्योरिटी गाइडलाइंस और लोकल गेटवे स्थापित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में 2026 के अंत या 2027 में Direct-to-Cell सैटेलाइट्स लॉन्च की संभावना जताई गई है, लेकिन अभी कोई आधिकारिक तारीख नहीं है। भारत में Starlink की मुख्य सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस (डिश के साथ) 2026 में शुरू होने की उम्मीद की जा रही है, लेकिन रेगुलेटरी मंजूरियों के कारण इसमें देरी हो सकती है। Airtel पहले से ही अपना खुद का सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।
निष्कर्ष
अफ्रीका में Airtel-Starlink का यह सफल टेस्ट दिखाता है कि सामान्य स्मार्टफोन से ही सैटेलाइट कनेक्टिविटी संभव है और यह दूरदराज इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारत में भी जब यह टेक्नोलॉजी आएगी तो ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट और कॉलिंग की पहुंच dramatically बढ़ जाएगी। फिलहाल अफ्रीकी बाजार में यह तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि भारत में रेगुलेटरी क्लियरेंस का इंतजार है। जैसे ही नई अपडेट आएगी, स्थिति और स्पष्ट होगी। यह टेक्नोलॉजी पूरी दुनिया में मोबाइल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली है।
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