ऑक्शन में क्या हुआ? 12 मार्च को लंदन में हुए द हंड्रेड के पहले प्राइवेट एरा ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स की सीईओ काव्या मारन ने ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बिडिंग वॉर में हिस्सा लिया और अबरार को साइन किया। यह भारतीय मालिक वाली फ्रैंचाइजी द्वारा कई सालों बाद किसी पाकिस्तानी इंटरनेशनल प्लेयर को साइन करने का पहला बड़ा मामला है। द हंड्रेड 21 जुलाई से 16 अगस्त तक खेला जाएगा।
आक्रोश की वजह फैंस का गुस्सा अबरार अहमद के 2025 के सोशल मीडिया पोस्ट्स से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2025 में उन्होंने एक सेल्फी पोस्ट की जिसमें चाय का कप पकड़े “Fantastic Tea” कैप्शन लिखा, जिसे भारतीय फैंस ने 2019 के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान वाले इंसिडेंट का मॉकिंग माना। कुछ रिपोर्ट्स में इसे ऑपरेशन सिंदूर (2025 में भारत-पाक तनाव) से जोड़ा गया, जहां उन्होंने भारतीय सेना का मजाक उड़ाया ऐसा बताया जा रहा है। इसी वजह से फैंस इसे “देशद्रोही” कदम बता रहे हैं और कह रहे हैं कि पैसे के लिए राष्ट्रीय भावनाओं को नजरअंदाज किया गया।
सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है?
#BoycottSRH ट्रेंडिंग है, फैंस SRH को अनफॉलो और ब्लॉक कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा: “पैसे के लिए देश से ज्यादा महत्वपूर्ण? SRH को IPL में सपोर्ट नहीं करेंगे।” सनराइजर्स लीड्स का ऑफिशियल X अकाउंट भारत में मास रिपोर्टिंग के बाद सस्पेंड हो गया। कुछ फैंस ने इसे मुस्तफिजुर रहमान के KKR मामले से जोड़ा, जहां BCCI ने कॉन्ट्रैक्ट कैंसल करवाया था। हालांकि, द हंड्रेड ECB के तहत है, इसलिए BCCI का डायरेक्ट असर नहीं होगा।
टीम का पक्ष और क्रिकेट वैल्यू सनराइजर्स लीड्स ने कहा कि सिलेक्शन पूरी तरह क्रिकेट मेरिट पर आधारित है। अबरार दुनिया के टॉप व्हाइट-बॉल स्पिनर्स में से एक हैं – पिछले 38 T20I में 52 विकेट, इकोनॉमी 6.67। हेड कोच डैनियल वेट्टोरी ने इसे स्ट्रैटेजिक मास्टरस्ट्रोक बताया। UK मीडिया में इसे “शैडो बैन” खत्म करने की जीत कहा गया, क्योंकि पहले SA20 और ILT20 में भारतीय मालिक वाली टीमों ने पाक प्लेयर्स से परहेज किया था।
आगे क्या? अभी तक SRH या सन ग्रुप की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। लेकिन सोशल मीडिया का दबाव इतना है कि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू हो सकता है। IPL 2026 से पहले SRH के लिए यह PR क्राइसिस बन गई है, जहां फैंस क्रिकेट और राष्ट्रीय भावनाओं के बीच फंस गए हैं। यह घटना दिखाती है कि क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि राजनीति और भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। स्थिति पर नजर बनी रहेगी।

