Factory fire in Noida Sector 4 B-40: आग पूरी तरह नहीं बुझी निकल रहा धुआं, आसपास के इलाकों में प्रदूषण और सांस की तकलीफ

Factory fire in Noida Sector 4 B-40: नोएडा के सेक्टर-4 स्थित बी-40 में कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड (बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री) में कल सुबह लगी भीषण आग आज भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग अब बेसमेंट-2 (B-2) तक सीमित है, जहां प्लास्टिक सामग्री और बैटरी/इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मौजूद हैं। इन सामग्रियों के कारण हर 2 घंटे में विस्फोट हो रहे हैं, जिससे फायरफाइटर्स अंदर नहीं जा पा रहे हैं।

नोएडा के चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार ने बताया कि B-1 बेसमेंट की आग बुझ चुकी है, लेकिन B-2 में चुनौती बनी हुई है। फायर टीम अब B-2 में ड्रिलिंग कर आग बुझाने की कोशिश कर रही है। उम्मीद है कि अगले 2-3 घंटों में स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी। कल रात से लगातार 20 से ज्यादा दमकल गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मौके पर तैनात हैं।

धुएं का गुबार और प्रदूषण की समस्या
आग से निकल रहा घना काला धुआं अभी भी आसमान में गुबार की शक्ल में फैल रहा है, जो कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा है। इससे सेक्टर-4 और आसपास के इलाकों (जैसे हरौला, फेज-1) में हवा प्रदूषित हो गई है। स्थानीय निवासियों को आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न जैसी शिकायतें हो रही हैं। कई लोग मास्क पहनकर घर से बाहर निकल रहे हैं। प्रदूषण स्तर बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

घायलों की स्थिति
कल सुबह करीब 5:30 बजे शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग में फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट पर करीब 240-250 कर्मचारी फंसे थे। अफरा-तफरी में कई ने ऊपरी मंजिलों से कूदकर जान बचाई, जिससे फ्रैक्चर और झुलसने की घटनाएं हुईं। कुल 26 से 37 लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी। सभी को जिला अस्पताल और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई आईसीयू में हैं। फिलहाल कोई नई मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं है।

जांच और सवाल
आग का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन कंपनी में फायर सेफ्टी मानकों की कमी, फायर एनओसी न होने और अवैध निर्माण के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग फायर विभाग और प्रशासन से सवाल उठा रहे हैं कि फायर ऑफिस से कुछ दूरी पर ही स्थित कंपनी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। पहले भी नोएडा में कई जगहों पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई कमजोर रही है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। नोएडा पुलिस और फायर विभाग ने कहा कि आग पूरी तरह बुझने के बाद विस्तृत जांच होगी। स्थानीय लोग प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंतित हैं और तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं। स्थिति पर नजर बनी हुई है।

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