Rangbhari Ekadashi celebrated in Kashi and Vrindavan: फाल्गुन शुक्ल एकादशी को आज रंगभरी एकादशी (अमलकी एकादशी) के रूप में मनाया जा रहा है। काशी में बाबा विश्वनाथ और मां गौरा के गौना उत्सव के साथ होली का आध्यात्मिक आगाज हो गया, जबकि वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में फूलों वाली होली ने ब्रज की रंग-बिरंगी परंपरा शुरू कर दी। सबसे अनोखा दृश्य हरिश्चंद्र घाट पर देखने को मिला, जहां मसान होली में चिता की भस्म उड़ रही है और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा घाट गूंज रहा है।
काशी में गौना उत्सव और मसान होली की अलौकिक छटा
काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जुट गई। परंपरा के अनुसार बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर काशी लाए थे, इसलिए मंदिर परिसर में अबीर-गुलाल चढ़ाया गया। तेड़ी नीम महंत आवास से पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें शिव-गौरा की झांकी केरलम और गुजराती वेशभूषा में सजी दिखी। भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते, भजन गाते और ‘हर हर महादेव’ का उद्घोष करते घाटों-गलियों में घूम रहे हैं। हरिश्चंद्र घाट पर मसान होली का अनोखा उत्सव दोपहर से शुरू हो गया है। अघोरियों, नागा साधुओं और किन्नर समुदाय के साधु चिता की भस्म (21 क्विंटल से ज्यादा) से एक-दूसरे को रंग रहे हैं। जंगली डमरू, शंख और भजन के साथ शिव बारात निकाली गई। केनाराम अघोर पीठ से शुरू हुई यह बारात घाट पर पहुंची, जहां भस्म उड़ाने का सिलसिला जारी है। भक्त कह रहे हैं, “यह होली नहीं, मोक्ष की राह दिखाने वाला उत्सव है।” मणिकर्णिका घाट पर यह होली कल (28 फरवरी) खेली जाएगी।
वृंदावन में फूलों की होली, विदेशी भक्त भी रंगे
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों वाली होली (फूलों वाली होली) ने रंगभरी एकादशी को और खास बना दिया। सुबह से ही परिक्रमा मार्ग खचाखच भरा रहा। भक्त गुलाब, गेंदे और चमेली के फूल बांके बिहारी जी पर चढ़ा रहे और एक-दूसरे पर फेंक रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु भी इस अनोखे रंगोत्सव में शामिल हुए। मथुरा-वृंदावन में आज से ब्रज की होली की पूरी श्रृंखला शुरू हो गई है।
महत्व और संदेश
रंगभरी एकादशी को होली का आध्यात्मिक प्रारंभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती का दिव्य मिलन काशी में हुआ और ब्रज में राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला का रंग बिखरा। फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि आज रात 10:32 बजे तक रहेगी, पारण कल सुबह 6:47 से 9:06 बजे तक शुभ है। FSDA और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सोशल मीडिया पर #RangbhariEkadashi और #MasaanHoli ट्रेंड कर रहे हैं। भक्तों की मान्यता है कि इस पावन दिन भगवान विष्णु, शिव और माता पार्वती की कृपा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मन में प्रेम-रंग भर जाता है।
उपभोक्ताओं को सलाह: होली के रंगों में खरीदारी करते समय एक्सपायरी चेक करें और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें। जय भोलेनाथ! राधे राधे!

