Yatharth Hospital: यथार्थ अस्पताल सेक्टर-110 में चिकित्सकों ने दुर्लभ बीमारी गैस्ट्रिक वोल्वुलस विद हायटस हर्निया से पीड़ित 64 वर्षीय मरीज का सफल लैप्रोस्कोपिक आॅपरेशन कर जान बचाई। मरीज को पेट में तेज दर्द और खून की उल्टी की शिकायत के साथ इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। जांच में पाया गया कि पेट अपनी धुरी पर घूमकर छाती की ओर खिसक गया था, जिससे पाचन तंत्र में रुकावट पैदा हो गई थी।


डॉक्टरों की टीम ने तुरंत कीहोल (लैप्रोस्कोपिक) तकनीक से आपात सर्जरी की। बिना बड़े चीरे के किए गए इस आॅपरेशन के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ। अगले दिन से तरल आहार शुरू कर दिया गया और दो दिन बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सीनियर डायरेक्टर डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि समय पर सर्जरी न होने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती थी। वहीं डॉ. आलोक दुबे ने कहा कि सर्जरी के दौरान निसेन फंडोप्लिकेशन तकनीक अपनाई गई, जिससे भविष्य में रिफ्लक्स की आशंका कम रहेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार उन्नत लैप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण मरीज को सुरक्षित उपचार और शीघ्र रिकवरी संभव हो सकी।

