Amity International School Bus Negligence: 6 वर्षीय यूकेजी छात्र अव्यान महाजन 7 घंटे तक बंद बस में अकेला, रोता-बिलखता मिला, मां ने प्रबंधन पर लगाया गंभीर आरोप

Amity International School Bus Negligence: नोएडा के प्रतिष्ठित अमिटी इंटरनेशनल स्कूल (सेक्टर-44) में एक बार फिर स्कूल ट्रांसपोर्ट की घोर लापरवाही सामने आई है। 26 फरवरी (गुरुवार) को यूकेजी का 6 वर्षीय छात्र अव्यान महाजन स्कूल बस में सो गया और बस खराब होने के बाद शिफ्टिंग के दौरान छूट गया। बच्चा करीब 7 घंटे तक सूनसान जगह पर पार्क की गई लॉक बस में बंद रहा। पसीने से तर, भूखा-प्यासा और रोता हुआ बच्चा दोपहर में ढूंढा गया। घटना के बाद मां ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर तीखा हमला बोला है, जबकि सोशल मीडिया पर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है।

घटना का पूरा क्रम
सेक्टर-78 महागुन मजारिया सोसायटी निवासी अव्यान को मां ने खुद सुबह बस स्टॉप पर बस में बिठाया। बस कुछ ही दूर गई थी कि वह खराब हो गई। बस स्टाफ ने सभी बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया, लेकिन सोए हुए अव्यान को चेक नहीं किया गया। खराब बस को नोएडा के एक दूरदराज इलाके (स्कूल से करीब 25 किमी दूर) के बस पार्किंग यार्ड में खड़ी कर दिया गया।
स्कूल पहुंचने पर बस अटेंडेंस में अव्यान की मौजूदगी दर्ज थी, लेकिन क्लास रजिस्टर में अनुपस्थित। दोपहर में जब बस सोसायटी गेट पर पहुंची और बच्चा उतरा नहीं तो परिवार ने स्कूल को फोन किया। स्कूल ने बताया कि बच्चा स्कूल ही नहीं पहुंचा। हड़कंप मच गया। स्कूल की टीम ने तलाश शुरू की और बच्चे को पार्किंग यार्ड की बंद बस में मिला। बच्चा काफी घबराया हुआ और रो रहा था।

मां का दर्द भरा बयान
मां ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा, “मैंने खुद अपने बेटे को स्कूल बस में बैठाया था। दोपहर में जब बस वापस आई और मैं उसे सोसायटी गेट पर लेने गई, तो वह वहां नहीं था। हमने तुरंत स्कूल को फोन किया तो हमें बताया गया कि वह स्कूल पहुंचा ही नहीं और कक्षा रजिस्टर में अब्सेंट लगा दिया गया। हालांकि बस अटेंडेंस में उसकी मौजूदगी दर्ज थी। किसी ने भी हमें सूचना नहीं दी।” मां ने आगे कहा कि प्रबंधन की लापरवाही से बच्चे की जान खतरे में पड़ गई। “बच्चा पसीने से तरबतर, भूखा और रोता हुआ मिला। यह स्कूल की जिम्मेदारी है, लेकिन वे बस चेक तक नहीं कर पाए।”

स्कूल का बचाव और कार्रवाई
अमिटी इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल रेनू सिंह ने कहा, “हमारे ध्यान में आते ही तुरंत कार्रवाई की गई। बच्चा रास्ते में सो गया था, उसे बिना देर ढूंढ लिया गया और सुरक्षित रूप से माता-पिता को सौंप दिया गया।” स्कूल ने ट्रांसपोर्टर और बस स्टाफ को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। प्रिंसिपल ने कहा कि पूरे ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। स्कूल ने सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से इनकार किया और कहा कि बच्चा कभी भी खतरे में नहीं रहा।

अभिभावकों में आक्रोश, सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कई मां-बाप लिख रहे हैं, “अगर 7 घंटे तक कोई चेक नहीं कर सकता तो स्कूल बस चलाने का क्या मतलब?” कुछ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है।

पिछले मामलों की याद ताजा
नोएडा के स्कूलों में बस लापरवाही के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। अभिभावक अब मांग कर रहे हैं कि स्कूल बसों में सीसीटीवी अनिवार्य हो, हर बस में अटेंडेंट हो और रोजाना डबल चेकिंग हो। अव्यान अब घर पर सुरक्षित है, लेकिन घटना ने पूरे परिवार को सदमा पहुंचाया है। स्कूल प्रशासन ने परिवार से माफी मांगी है और काउंसलिंग की पेशकश की है।
पुलिस जांच जारी है। स्कूल ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह ओवरहॉल किया जाएगा। आगे की जांच रिपोर्ट आने पर नई जानकारी सामने आएगी।

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