Two separate incidents in Uttar Pradesh: मेरठ स्कूल में कक्षा-7 की दो छात्राओं ने जहर खाया, नोएडा में रविवार को भी खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

Two separate incidents in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव के एक निजी स्कूल में हुई। यहां कक्षा सात की दो छात्राओं ने स्कूल परिसर में जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। दोनों लड़कियां एक ही गांव की रहने वाली हैं और उनके घर आमने-सामने हैं। घटना के कुछ देर पहले उन्होंने सहपाठियों से पूछा था कि जहर कैसे खाया जाता है, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। स्कूल पहुंचने के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं।

स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों और पुलिस को सूचना दी। दोनों छात्राओं को मोदिपुरम स्थित निजी अस्पताल (एसडीएस ग्लोबल या समकक्ष) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। स्कूल प्रधानाध्यापक ने बताया कि दोनों पढ़ाई में अच्छी हैं, स्कूल में कोई विवाद या अनुशासन की समस्या नहीं थी। अभिभावकों ने भी कहा कि बच्चों पर न कोई दबाव था, न ही उन्हें डांटा गया था।

इंचौली क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह ने कहा, “मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लड़कियों के स्वस्थ होने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।” फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनाज में रखे जाने वाले जहरीले पदार्थ का सेवन सामने आया है।

इसी बीच नोएडा से राहत भरी खबर आई है। गौतमबुद्ध नगर जिले में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराने वाले कामकाजी लोगों के लिए अब रविवार को भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खुले रहेंगे। निबंधन विभाग ने फैसला लिया है कि तीन सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में रोस्टर प्रणाली लागू की जाएगी। एक कार्यालय रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा (अगले रविवार बंद)।
होली के बाद इसे ट्रायल के रूप में शुरू किया जाएगा। अगर सफल रहा तो इसे स्थायी बना दिया जाएगा और अन्य जिलों में भी विस्तार संभव है। इसके अलावा सोमवार से शनिवार तक एक नामित कार्यालय दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक भी संचालित होगा।

निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) ब्रजेश कुमार ने बताया, “जिले में बड़ी संख्या में कामकाजी लोग हैं, जिन्हें रजिस्ट्री के लिए छुट्टी लेनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से उन्हें समय और आय की बचत होगी। साथ ही विभागीय राजस्व में भी वृद्धि होगी।” इस पहल से सप्ताह में करीब 300 अतिरिक्त रजिस्ट्री होने और सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। ये दो घटनाएं उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं के अलग-अलग पहलुओं को उजागर करती हैं। मेरठ मामले की जांच जारी है, जबकि नोएडा की नई व्यवस्था आम जनता के लिए सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

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