Air-Ambulance Crash:रांची से दिल्ली जा रही एक मेडिकल एयर एंबुलेंस सोमवार शाम झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दोनों पायलट सहित सभी 7 लोगों की मौत हो गई। शुरुआती आशंका तेज आंधी-तूफान और तकनीकी खामी की बताई जा रही है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को टीम भेजने के आदेश दे दिए हैं।
Air-Ambulance Crash:
आंधी-तूफान के कारण हुआ हादसा
डीसी कीर्तिश्री जी ने बताया कि हादसा तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ। डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर सभी 7 लोगों को मृत पाया। वहीं एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि उन्हें लगभग 10 बजे घटना की जानकारी मिली। हादसे वाली जगह तक पहुंचना काफी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि दिल्ली से टीम जांच के लिए जल्द ही पहुंचेगी और ब्लैक बॉक्स को निकालकर हादसे की वजह पता लगाने की कोशिश करेगी।

विमान में सवार थे ये लोग
रांची हवाईअड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने बताया हादसा सिमरिया के पास हुआ।
- कैप्टन विवेक विकास भगत
- कैप्टन सवराजदीप सिंह
- संजय कुमार (मरीज)
- अर्चना देवी (मरीज की पत्नी)
- ध्रुवकुमार (मरीज के अटेंडेंट)
- डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)
- सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ)
एक महीने में चार्टर्ड प्लेन हादसे का दूसरा मामला
एक महीने में चार्टर्ड प्लेन के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह दूसरा मामला है। 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती के पास लैंडिंग के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अजीत समेत पांच की मौत हो गई थी।
क्या समस्या थी मरीज को?
रांची के देवकमल अस्पताल के सीईओ, अनंत सिन्हा ने बताया कि एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था उनके एक मरीज के लिए की गई थी। संजय कुमार (41), जो लतेहार जिले के चंदवा निवासी थे, 16 फरवरी को 65% जलने की गंभीर चोटों के साथ अस्पताल लाए गए थे। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा था, लेकिन बेहतर और उन्नत उपचार के लिए परिवार ने उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया। सीईओ ने आगे बताया कि सोमवार को एयर एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया और मरीज शाम लगभग 4:30 बजे रांची के अस्पताल से दिल्ली की ओर रवाना हुआ।
शाम को 7:10 बजे हुई थी टेकऑफ
रांची के देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि परिवार ने बेहतर इलाज के लिए मरीज को दिल्ली ले जाने का फैसला किया था। एयर एंबुलेंस ने रांची हवाईअड्डे से शाम करीब 7:10 बजे उड़ान भरी थी। शाम 7:34 बजे विमान का एयर कंट्रोल से संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर कंट्रोल से हुआ था, लेकिन शाम 7:34 बजे विमान का कोलकाता के साथ संपर्क और रडार संपर्क लगभग वाराणसी से दक्षिण-पूर्व में 100 एनएम की दूरी पर टूट गया। वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अनुसार विमान ने उससे कोई संपर्क नहीं किया।

विमान का कोई पता नहीं चलने के बाद रात 8:05 बजे बचाव समन्वय केंद्र को सक्रिय कर दिया गया और विमान की तलाश शुरू कर दी गई। इस बीच, सिमरिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक विमान गिरने की सूचना पुलिस व प्रशासन को दी। बाद में खासियातू करम टांड़ के घने जंगल में विमान का मलबा मिला।
घने जंगल में ग्रामीणों ने मोबाइल की रोशनी में खोजा विमान
पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। विमान घने जंगल में गिरा, जहां घुप्प अंधेरा था। मोबाइल फोन की टॉर्च और अन्य उपलब्ध साधनों के जरिये खोजते हुए ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे।
DGCA ने जारी किया बयान
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अपने जारी बयान में कहा “23 फरवरी 2026 को Redbird Airways Pvt Ltd का Beechcraft C90 विमान VT-AJV, जो रांची से दिल्ली के लिए मेडिकल एम्बुलेंस फ्लाइट चला रहा था, झारखंड के चतरा जिले के कसारिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें दो क्रू मेंबर शामिल थे। विमान शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरकर कोलकाता से संपर्क में था। लेकिन शाम 7:34 बजे विमान का कोलकाता के साथ संपर्क और रडार संपर्क लगभग वाराणसी से दक्षिण-पूर्व में 100 नौटिकल मील की दूरी पर टूट गया। चतरा जिला प्रशासन की खोज और बचाव टीम मौके पर पहुंच चुकी है। दुर्घटना की जांच के लिए AAIB टीम भी भेजी जा रही है।
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