Supreme Court lawyer’s uproar: सुप्रीम कोर्ट वकील ध्रुव कुमार का ओवैसी भाइयों पर करारा वार, ‘रजाकार मानसिकता छोड़ें, योगी की पकड़ को समझें’

Supreme Court lawyer’s uproar: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव कुमार ने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हालिया टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। एक वायरल साक्षात्कार में ध्रुवा कुमार ने विभाजन के इतिहास, बाबरी मस्जिद फैसले और वर्तमान कानून-व्यवस्था पर खुलकर बात की। उनका इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

ध्रुव कुमार ने ओवैसी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि मजहब के आधार पर देश विभाजन के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश अलग हो गए, अब भारत में साम्प्रदायिक राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने ओवैसी भाइयों की मानसिकता को ‘रजाकार’ से जोड़ते हुए उनके परिवार के विभाजनकालीन इतिहास पर सवाल उठाए।

योगी की कानून व्यवस्था पर तारीफ
अकबरुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर जिसमें उन्होंने यूपी में ‘ताकत दिखाने’ की बात कही थी, ध्रुव कुमार ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ओवैसी को शायद योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक पकड़ और जीरो टॉलरेंस नीति का अंदाजा नहीं है। उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की अराजकता या दंगा भड़काने की कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा।

बाबरी मस्जिद मुद्दे पर चेतावनी
बाबरी मस्जिद विवाद को फिर से उठाने वाले बयानों पर वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने अंतिम फैसला सुना दिया है। अब इस मुद्दे को दोबारा गरमाना सिर्फ देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश है। देश संविधान और न्यायपालिका के फैसलों से चलता है, यह सर्वोपरि है।

अपराध और भारतीय संस्कृति पर जोर
NCRB के ताजा आंकड़ों का जिक्र करते हुए ध्रुवा कुमार ने अपराध दर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग सच्चे दिल से भारतीय संस्कृति और वतन से प्यार करते हैं, वही यहां शांति से रह सकते हैं। इतिहास के विदेशी आक्रांताओं के अत्याचारों को भुलाया नहीं जा सकता।

कुल मिलाकर, ध्रुवा कुमार ने ओवैसी भाइयों की बयानबाजी को चुनावी ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया और चेताया कि योगी सरकार कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटने को तैयार है। यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

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