मतदान शांतिपूर्ण, मतदाताओं में उत्साह मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा और मतदाता turnout लगभग 60.69% दर्ज किया गया। ढाका में मतदाताओं ने बताया कि यह कई वर्षों बाद पहला ऐसा चुनाव था जिसमें वे पूरी स्वतंत्रता और बिना किसी दबाव के वोट दे सके। एक युवा मतदाता ने कहा कि प्रक्रिया बहुत अच्छी रही और वे संतुष्ट हैं। एक बुजुर्ग महिला ने खुशी जताते हुए कहा कि कई सालों बाद उन्होंने अपनी मर्जी से वोट डाला। एक अन्य महिला मतदाता ने बताया कि मतदान के दौरान कोई हंगामा या जबरदस्ती नहीं हुई। लोग शाम तक नतीजों का इंतजार करते रहे और माहौल उत्सव जैसा था। हालांकि कुछ जगहों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं, जिसमें 70 से अधिक लोग घायल हुए, लेकिन कोई मौत नहीं हुई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और सेना भी तैनात की गई थी। जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह को भारी समर्थन चुनाव के साथ ही 2024 के आंदोलन से निकले ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ (84-सूत्री सुधार एजेंडा) पर जनमत संग्रह भी हुआ। अनौपचारिक नतीजों में करीब 72.9% मतदाताओं ने इसका समर्थन किया।
पीएम मोदी की बधाई, भारत का समर्थन दोहराया भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने लिखा: “मैं श्री तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को संसदीय चुनावों में निर्णायक जीत दिलाने पर हार्दिक बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश की जनता का आपके नेतृत्व में विश्वास दर्शाती है। भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं आपसे मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की आशा करता हूं।” विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस पोस्ट को रीपोस्ट किया। पाकिस्तान और मलेशिया के नेताओं ने भी बीएनपी को बधाई दी है।
तारिक रहमान: 17 साल के निर्वासन के बाद वापसी लंदन में 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर में बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान 36 साल बाद देश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जीत जुलूस न निकालकर विशेष प्रार्थना करने की अपील की है। यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल के अंत का प्रतीक है। नई सरकार के गठन से दक्षिण एशिया में राजनीतिक समीकरणों में नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

