नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 पार्क में स्टाम्प विक्रेताओं का अतिक्रमण, सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जे की कोशिश, स्थानीयों में आक्रोश

नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित कार्यालय के निकट एक सार्वजनिक पार्क में स्टाम्प विक्रेताओं द्वारा तंबू लगाने की कोशिश ने स्थानीय निवासियों में तीव्र आक्रोश पैदा कर दिया है। पार्क की खुली जगह पर तेजी से तंबू लगाए जा रहे हैं, जिससे अतिक्रमण की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने इस पर तीखी आपत्ति जताते हुए प्राधिकरण से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्क, जो क्षेत्र के निवासियों के लिए मनोरंजन और व्यायाम का प्रमुख केंद्र है, अब स्टाम्प पेपर विक्रेताओं के अस्थायी ढांचों से घिरता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ये विक्रेता प्राधिकरण कार्यालय के पास आने-जाने वाले लोगों की सुविधा का हवाला देते हुए यहां बसने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, निवासियों का कहना है कि यह सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग है और पार्क में आने-जाने वालों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। पार्क की हरियाली और खुली जगह पर कब्जे से पर्यावरणीय प्रभाव भी पड़ने की आशंका है। स्थानीय निवासियों ने सामूहिक रूप से प्राधिकरण अधिकारियों से संपर्क किया है।

एक स्थानीय निवासी ने बताया, “यह पार्क हमारे सेक्टर का फेफड़ा है। अगर आज इन तंबुओं को रोका नहीं गया तो कल बड़े-बड़े अतिक्रमण हो जाएंगे।” कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया है, जिसमें प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं। नोएडा प्राधिकरण हाल के वर्षों में अतिक्रमण हटाने के अभियानों के लिए सक्रिय रहा है। फरवरी 2026 में प्राधिकरण ने अवैध वेंडर्स, ठेलों और सड़क किनारे अतिक्रमण के खिलाफ दैनिक ड्राइव शुरू करने की घोषणा की थी। अन्य सेक्टरों जैसे 75, 44 आदि में भी ऐसे अभियान चले हैं, जहां पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे हटाए गए।

प्राधिकरण पर सवाल, कार्रवाई की उम्मीद

यह घटना प्राधिकरण की निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर नए सवाल खड़े कर रही है। निवासियों का आरोप है कि कार्यालय के इतने करीब होने के बावजूद अतिक्रमण की कोशिश रुकी नहीं। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर बार-बार उठने वाले सवालों के बीच अब सबकी नजरें नोएडा प्राधिकरण की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से बताया कि मुद्दे पर संज्ञान लिया गया है और जल्द ही सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। स्थानीयों की मांग है कि पार्क को तुरंत खाली कराया जाए, तंबू हटाए जाएं और भविष्य में ऐसे अतिक्रमण को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। यदि प्राधिकरण समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता तो यह छोटा मुद्दा बड़े विवाद का रूप ले सकता है। नोएडा जैसे विकसित शहर में सार्वजनिक स्थानों की रक्षा न केवल सुंदरता बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ा है। इस मामले पर नजर रखी जा रही है।

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