नोएडा में स्पाइसजेट जॉब फ्रॉड: नोएडा। थाना फेस-1 पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं को स्पाइसजेट एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरोह लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर उनसे रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्कों के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा था।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 9 डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, 3 म्यूल बैंक खातों की पासबुक और 4 यूपीआई साउंड बॉक्स बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यही उपकरण गिरोह ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने और कैश निकालने के लिए इस्तेमाल करता था।
ऑपरेशन ‘साई वज्र’ के तहत हुई कार्रवाई
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में 7 जुलाई से पूरे प्रदेश में साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन साई वज्र’ चलाया जा रहा है। इसी ऑपरेशन के तहत नोएडा जोन में करीब 1300 संदिग्ध खातों और म्यूल अकाउंट की जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई थी। इसके साथ ही कुछ संदिग्ध आईएमईआई नंबर और मोबाइल नंबरों की भी पहचान की गई थी। लगातार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के दौरान एक ‘रेड ज़ोन’ चिह्नित हुआ, जिस पर काम करते हुए पुलिस टीम ने पूरे नेटवर्क को जीरो डाउन किया। इसी कड़ी में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
कैसे करते थे ठगी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे और स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार, आरोपी एयरलाइंस में ग्राउंड स्टाफ और असिस्टेंट जैसे पदों पर नौकरी दिलाने का लालच देते थे। इसके लिए वे quikr.com और अन्य वेबसाइटों के जरिए नौकरी तलाश रहे युवाओं के मोबाइल नंबर और पता जैसी जानकारी जुटाते थे। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों को फोन किया जाता था। जो लोग नौकरी में दिलचस्पी दिखाते, उन्हें फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भेजे जाते और नकली इंटरव्यू भी करवाए जाते थे, ताकि पीड़ितों को गिरोह पर पूरा भरोसा हो जाए। इसके बाद उनसे रकम अपने म्यूल बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी।
पहले से दर्ज हैं 20 से ज्यादा शिकायतें
एडीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों के संबंध में एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर पहले से ही करीब 20 शिकायतें दर्ज थीं। इससे स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से देश भर में सक्रिय था और करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर चुका था।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी तरह की अग्रिम फीस या प्रोसेसिंग चार्ज मांगे जाने पर सतर्क रहें और संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या नंबर से पुष्टि किए बिना किसी को भी पैसा न भेजें। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में दें।

