हॉर्मुज जलडमरू में तनाव, ट्रंप का व्यापार सौदों का ऐलान। ताजा अपडेट्स और विश्लेषण पढ़ें।
ईरान-अमेरिका संघर्ष: मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है। शांति वार्ताओं के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सीमित हमलों का सिलसिला जारी है, जिसमें अब खाड़ी देशों की सीमाएं भी शामिल हो गई हैं। कुवैत ने शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोनों के हमलों का सामना किया, जबकि ओमान के तट के पास तीन लाइबेरिया-ध्वज वाले तेल टैंकरों पर अलग-अलग हमलों में चालक दल के सदस्य घायल और लापता हुए। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेनाएं ईरान पर एयरस्ट्राइक्स चला रही हैं, जो पिछले कुछ घंटों से जारी हैं। यह हमले हॉर्मुज जलडमरू (Strait of Hormuz) को केंद्र बनाकर चल रहे तनाव के बीच हुए हैं, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है।
कुवैत और क्षेत्रीय हमले
कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला किया, जिसमें इंटरसेप्शन के कारण विस्फोट हुए। ईरान ने इन हमलों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई बताया है। क्षेत्रीय रिपोर्टों में बहरीन, जॉर्डन और अन्य खाड़ी देशों पर भी ईरानी हमलों की खबरें आई हैं, हालांकि कुवैत पर फोकस सबसे ज्यादा रहा। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने बताया कि मस्कट के पास तीन अलग-अलग घटनाओं में टैंकर AL BAHYAH, MOMBASA B और STOLT MAGNESIUM पर हमले हुए। एक टैंकर पर इंजन रूम में आग लग गई, जबकि दूसरे में प्रोपल्शन खो गया। चालक दल को निकाला गया, लेकिन कुछ सदस्य लापता हैं और छह घायल हुए। ओमान ने हमलों की जिम्मेदारी किसी पर नहीं लगाई, लेकिन क्षेत्र में तनाव स्पष्ट है।
ट्रंप का रुख और हॉर्मुज विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20% टोल लगाने की धमकी से पीछे हटते हुए इसे खाड़ी देशों के साथ ‘व्यापार और निवेश सौदों’ से बदलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरू सभी जहाजों के लिए खुला रहेगा, सिवाय ईरानी जहाजों के। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड फिर से लागू किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य पूर्व नेताओं के साथ “उत्पादक बातचीत” के बाद यह फैसला लिया गया, जिसमें अमेरिका में बड़े निवेश शामिल होंगे। वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं।
पृष्ठभूमि: फरवरी 2026 से चल रहा संघर्ष
यह तनाव फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था, जिसमें ईरान के सैन्य, सरकारी और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। जून में शांति वार्ताएं शुरू हुईं, लेकिन हॉर्मुज जलडमरू पर नियंत्रण और ईरानी हमलों के कारण संघर्ष जारी है। ईरान ने क्षेत्रीय ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जबकि रूस की “डूम्सडे प्लेन” तेहरान पहुंचने की खबरें भी आई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान क्षैतिज विस्तार (horizontal escalation) की रणनीति अपना रहा है, जिसमें खाड़ी देशों को शामिल कर युद्ध की लागत बढ़ाई जा रही है। Gulf Cooperation Council (GCC) देशों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
आगे क्या?
शांति वार्ताएं जारी हैं, लेकिन हालिया हमले से स्थिति जटिल हुई है। अमेरिका ने ईरान की क्षमता को और कमजोर करने का संकल्प जताया है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, खासकर तेल आपूर्ति और मानवीय संकट को देखते हुए। स्थिति तेजी से बदल रही है। पाठकों को आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है। यह रिपोर्ट उपलब्ध खबरों, लाइव अपडेट्स और ताजा खोज पर आधारित है। संघर्ष की जटिलता को देखते हुए शांति वार्ताओं की सफलता ही स्थायी समाधान हो सकती है।

