नोएडा सीवर सफाई मौत: नोएडा के थाना फेज-2 क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गेझा में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा गया। नोएडा अथॉरिटी द्वारा चलाए जा रहे सीवर सफाई कार्य के दौरान सफाईकर्मी शिवा सीवर लाइन के अंदर उतरा था, लेकिन मेनहोल के अंदर मौजूद तारों में फंस गए जिसके कारण काफी देर तक बाहर नहीं निकल पाए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद उसे रेस्क्यू किया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीवर में उतरे सफाईकर्मी शिवा की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में कोहराम व्याप्त हो गया है।
जानकारी के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण द्वारा क्षेत्र में सीवर सफाई का कार्य कराया जा रहा था। सफाईकर्मी शिवा मैनहोल के अंदर उतरा, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। चिंतित साथी कर्मचारियों ने जब उसे बाहर निकाला तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि सीवर के अंदर जमा हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी ने युवक की जान ली।
पुलिस जांच में तेजी
थाना फेज-2 पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। सफाईकर्मी को हेलमेट, गैस मास्क, रस्सी, ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
इस तरह के हादसों में अक्सर ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी और बिना प्रशिक्षण के कर्मचारियों को काम पर लगाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
परिवार में मातम, मुआवजे की मांग
मृतक शिवा के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का कहना है कि शिवा परिवार की कमाई का मुख्य सहारा था। उन्होंने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
पिछले हादसों की याद
गौरतलब है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सीवर सफाई के दौरान ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। जहरीली गैस (मुख्यतः मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड) के कारण कई सफाईकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। मानवाधिकार संगठन और मजदूर यूनियन बार-बार मशीनी सफाई, उचित प्रशिक्षण और PPE (Personal Protective Equipment) की अनिवार्यता पर जोर देते रहे हैं।
प्रशासन का रुख
नोएडा प्राधिकरण: यह काम संविदाकार M/s Shivji Constructions Co. द्वारा कराया जा रहा था। घटना के तुरंत बाद प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए, संविदाकार के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया, संविदाकार को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने की नोटिस जारी कर दी गई है। संबंधित अवर अभियंता (संविदा) राकेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। संबंधित प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी की। प्राधिकरण ने मृतक के परिवार को नियमानुसार हरसंभव मदद तत्काल प्रदान करने का आश्वासन भी दिया है।

