एम्स ग्रीन एवेन्यू, ग्रेटर नोएडा: सुरक्षा खतरे, बिलिंग धोखाधड़ी और अनियमितताओं पर निवासियों का फूटा गुस्सा

एम्स ग्रीन एवेन्यू में धोखाधड़ी: सेक्टर-4 स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। एम्स ग्रुप द्वारा विकसित इस आवासीय परियोजना के सैकड़ों निवासी लंबे समय से गंभीर अनियमितताओं, सुरक्षा संबंधी खतरों और बिलिंग में धोखाधड़ी का आरोप लगाते आ रहे हैं। रिपोर्ट और विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक यह विवाद कई वर्षों से जारी है और अब निवासी खुलकर सड़कों पर उतर आए हैं।

क्या हैं प्रमुख शिकायतें?

बेसमेंट में लगातार पानी भरा रहने से इमारत के पिलर कमज़ोर हो गए हैं, जो एक गंभीर संरचनात्मक खतरे की ओर इशारा करता है। इसके अलावा लिफ्टें बार-बार खराब होती हैं, जिससे बुज़ुर्गों और बीमारों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। सुरक्षा गार्ड तक तैनात नहीं हैं, जिससे चोरी और असुरक्षा का खतरा बना रहता है। क्लब हाउस, बच्चों के खेलने का स्थान, साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था — सबकुछ अधूरा पड़ा है। बावजूद इसके नियमित मेंटेनेंस चार्ज वसूला जा रहा है।

तीन साल से सिर्फ आश्वासन

निवासियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार लिखित व मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन बिल्डर प्रबंधन हर बार नई तारीख, नया वादा और नया बहाना देकर टालता रहा है।

बुज़ुर्गों की पीड़ा

खराब लिफ्टों का सबसे ज़्यादा खामियाजा वरिष्ठ नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। उच्च मंजिलों पर रहने वाले बुज़ुर्ग निवासियों को दवाइयां लेने तक के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है।

बिलिंग में धोखाधड़ी के आरोप

निवासियों का आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने हजारों रुपए वसूले जाते हैं, लेकिन उसके बदले में न साफ-सफाई है, न सीवरेज सिस्टम, न कचरा निस्तारण और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था। बिजली बिलों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं।

आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की तैयारी

निवासियों ने “हल्ला बोल प्रदर्शन” कर बिल्डर प्रबंधन को चेतावनी दी है। अब वे RERA और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में संगठित शिकायत पत्र सौंपने की तैयारी में हैं और ज़रूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर याचिका दर्ज कराने की भी बात कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं लिफ्टों की तत्काल मरम्मत, बेसमेंट की जल निकासी और संरचनात्मक मरम्मत, सुरक्षा गार्डों की तैनाती व CCTV, क्लब हाउस-पार्क और सामुदायिक सुविधाओं का पूर्ण संचालन तथा बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई एवं मुआवजा।

बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक सोसायटी नहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों की वास्तविक तस्वीर है, जहां लोग मूलभूत जीवन सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि RERA और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी इस मामले में कब और क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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