वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024ः पक्ष-विपक्ष आमने सामने, सरकार के पास क्या क्या ऑप्शन

Waqf (Amendment) Bill 2024: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 आज यानी बुधवार को संसद में पेश कुछ ही देर बाद होने वाला है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को सदन में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है। सत्ता पक्ष भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के दलों में सहमति के कोई संकेत नहीं मिलने के कारण, अंतिम परिणाम सदन में बहुमत संख्या के आधार पर तय किए जा सकते हैं। विधेयक को आज प्रश्नकाल के बाद विचार और पारित करने के लिए पेश किया जाएगा और उसके बाद 8 घंटे की चर्चा होगी, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है। बीजेपी और कांग्रेस की तर्ज पर उनके सहयोगी दलों ने भी अपने सभी सांसदों को 2 और 3 अप्रैल को सदन में उपस्थित रहने और वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेने के लिए व्हिप जारी किया है।
विपक्षी दलों ने संसद भवन में की बैठक
बता दें कि इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को एकजुटता दिखाते हुए संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने को संयुक्त रणनीति पर चर्चा की। इस विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए पहले लोकसभा में लाया जाएगा। विपक्षी दलों ने संसद भवन में बैठक की, जिसमें इस विवादास्पद इस विधेयक को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, राकांपा नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आप के संजय सिंह शामिल हुए। बैठक में द्रमुक के टी आर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोई, राजद के मनोज कुमार झा, माकपा के जॉन ब्रिटास, भाकपा के संदोष कुमार पी, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और वाइको भी उपस्थित थे

ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन बोले
इस बाबत ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन और अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, “काफी लंबे समय से लोगों को इसका इंतजार था। लोगों को उम्मीद है कि एक अच्छा बिल आएगा। वक्फ में अब तक जो खामियां नजर आ रही थीं उन्हें जरूर दूर किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन मुख्य तौर पर जो आपत्तियां थीं मुझे पता चला है कि सरकार द्वारा विपक्ष के उन सुझावों को मान लिया गया है इसलिए यह बहुत अच्छा बिल आएगा। जो लोग आपत्ति जता रहे थे उनकी आपत्ति भी दूर हो जाएगी, आम और गरीब मुसलमानों तक अब वक्फ का पैसा पहुंचेगा।”

सपा सांसद बोले, विधेयक एक धर्म विशेष के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए लाया जा रहा
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 आज लोकसभा में पेश किए जाने पर समाजवादी पार्टी सांसद जावेद अली खान कोई बिल लाना या संशोधन विधेयक लाना सरकार का विशेषाधिकार होता है और वे इस विधेयक को ला सकते हैं लेकिन यह विधेयक अनुचित तरीके से एक धर्म विशेष के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की दृष्टि से लाया जा रहा है। सभी विपक्ष और संगठन इसका विरोध कर रहे थे। हमें उम्मीद है कि जो दल आज भाजपा के सहयोगी दल के रूप में जाने जाते हैं और वे अपने धर्मनिरपेक्ष छवि को बनाए रखने के लिए भी चिंतित रहते हैं वे इस संवेदनशील मामले में सरकार का साथ नहीं देंगे।

यह विधेयक मुसलमानों के हितों के खिलाफ है, बोले कांग्रेस सांसद
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 आज लोकसभा में पेश किए जाने पर कांग्रेस सांसद डॉ. मल्लू रवि ने कहा, “यह विधेयक मुसलमानों के हितों के खिलाफ है। यह विधेयक केवल केंद्रीय सरकार और कलेक्टर की शक्ति को केंद्रीकृत करने के लिए है लाया जा रहा है३ हम इस विधेयक का पूर्णतः विरोध करते हैं।”

बीजेपी-कांग्रेस की तरफ से ये नेता रखेंगे पक्ष
लोकसभा में बीजेपी की तरफ से वक्फ बिल पर जगदंबिका पाल अनुराग ठाकुर निशिकांत दुबे, अभीजित गंगोपाध्याय कमलजीत सहरावत, तेजस्वी सूर्या रविशंकर प्रसाद बोलेंगे। वहीं, कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगाई सबसे पहले वक्फ बिल के विरोध में बोलेंगे। इसके अलावा इमरान मसूद से लेकर नेता विपक्ष भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने कहा
वक्फ संशोधन विधेयक पर बीजेपी नेता मोहसिन रजा ने कहा, “आज तमाम मुसलमानों के लिए मुस्लिम वक्फ कल्याण दिवस है जिन्हें उम्मीद थी कि भाजपा यानी पीएम मोदी के नेतृत्व की सरकार ही हमारे लिए कल्याण का काम कर सकती है जिस तरह से हमारी मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से आजादी दिलाने का काम किया गया। इसी तरह से वक्फ संशोधन विधेयक 2024 हमारे तमाम दबे, पिछड़े मुस्लिम भाई-बहनों के कल्याण के लिए एक बहुत बड़ी खबर और पीएम मोदी की तरफ से सबसे बड़ी ईदी होगी३.ये बिल लाकर पीएम मोदी ने उनके कल्याण के लिए ये फैसला किया है इसके लिए उनकी हम प्रशंसा करते हैं३.आज ये बिल पूर्ण बहुमत से पास होगा.”

 

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