मामूली पार्किंग विवाद को लेकर, भड़की सांप्रदायिक तनाव और आग जनी, पुलिस ने लिया कड़ा एक्शन

Violence in Nuh News: हरियाणा के नूंह जिले के मुंडका गांव में 12 अगस्त 2025 को एक मामूली पार्किंग विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद दो समुदायों के बीच तनाव और झड़प की स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में पथराव, आगजनी और कांच की बोतलों से हमले की खबरें सामने आई हैं, जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
मंगलवार शाम को हरियाणा-राजस्थान सीमा के पास बसे मुंडका गांव में एक युवक ने सड़क के बीच में अपनी कार खड़ी कर दी थी। स्थानीय निवासी समय सिंह ने गाड़ी हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। मामला तब और बिगड़ गया जब कार सवार युवक ने समय सिंह पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। यह छोटा सा विवाद जल्द ही दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। भीड़ ने छतों से पथराव किया, एक पंक्चर की दुकान और एक चाय की दुकान में तोड़फोड़ की, और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। पास में खड़े एक ट्रक को भी नुकसान पहुंचाया गया।
सीसीटीवी फुटेज में उपद्रवियों को पथराव और आगजनी करते देखा गया, जिसमें पुलिस की मौजूदगी भी नजर आई, लेकिन शुरुआती दौर में पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण स्थिति को तुरंत नियंत्रित करना मुश्किल रहा।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नूंह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार ने बताया कि यह विवाद केवल गाड़ी खड़ी करने को लेकर था और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है, उन्होंने कहा, “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हमने रात में ही एक एफआईआर दर्ज की और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।” पुलिस ने फिरोजपुर झिरका थाने से अतिरिक्त बल और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को मौके पर बुलाया, जिसके बाद गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
गांव के सरपंच रामसिंह सैनी ने भी इस घटना को पार्किंग विवाद से जोड़ा और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
सांप्रदायिक तनाव की कोशिश नाकाम
एसपी राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि दोनों युवक अलग-अलग समुदायों से थे, जिसके कारण कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से इसे रोक लिया गया। इलाके में अब शांति बहाल हो चुकी है, और भारी पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
पिछले घटनाक्रम और संदर्भ
नूंह में यह कोई पहली हिंसक घटना नहीं है। जुलाई 2023 में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान भी हिंसा भड़की थी, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी, जिसमें दो होमगार्ड और एक मस्जिद के मौलवी शामिल थे। उस समय भी पथराव, आगजनी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आई थीं। इस साल जुलाई 2025 में भी यात्रा से पहले ताओरू गांव में एक मजार को नुकसान पहुंचाने की घटना ने तनाव बढ़ाया था, जिसके बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी थी।
इन घटनाओं को देखते हुए नूंह प्रशासन पहले से ही सतर्क था। 2023 की हिंसा के बाद 312 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 142 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इस बार भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता पाई।
सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे
सोशल मीडिया पर इस ताजा हिंसा को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियो वायरल किए गए, जो 2017, 2013 और 2019 की विभिन्न घटनाओं से संबंधित थे। ये तस्वीरें डेरा सच्चा सौदा विरोध, ट्रेड यूनियन प्रदर्शन और सीएए विरोधी प्रदर्शनों की थीं। क्विंट हिंदी की पड़ताल में इन दावों को भ्रामक पाया गया।
वर्तमान स्थिति और अपील
फिलहाल, मुंडका गांव में शांति बहाल हो चुकी है। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक व्यक्तिगत विवाद था, जिसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, और पुलिस हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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