UP Textile Policy: यूपी में टेक्सटाइल पार्कों में मिलेगी सस्ती जमीन, मंत्री राकेश सचान ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
नोएडा। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने नोएडा में कहा कि प्रदेश में निवेशकों का भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार न सिर्फ उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बना रही है, बल्कि रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी को भी बेहतर किया जा रहा है, ताकि निवेशकों को हर स्तर पर सुविधा मिल सके।
इन्वेस्टर्स समिट से मिली बड़ी सफलता
मंत्री सचान ने बताया कि 2022-23 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेश आकर्षित करने के मकसद से सरकार ने आठ अलग-अलग समूह बनाए थे, जिनमें मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इन समूहों ने विभिन्न देशों में जाकर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया। इसी कड़ी में दुबई में करीब चार दिनों तक टीम ने निवेशकों के बीच रहकर यूपी में मौजूद संभावनाओं को सामने रखा, जिसके नतीजे में करीब 23 हजार करोड़ रुपए के समझौते (एमओयू) हुए।
मंत्री के अनुसार, इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य को कुल मिलाकर करीब 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें अकेले वस्त्र उद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) से जुड़े प्रस्तावों की राशि करीब 70 हजार करोड़ रुपए है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में करीब 10 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए थे।
कनेक्टिविटी बनी निवेश बढ़ाने की रणनीति
मंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल अच्छी नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निवेशकों के भरोसे के लिए रेलवे और हवाई संपर्क का सुदृढ़ होना भी उतना ही जरूरी है। उनके अनुसार जब निवेश परियोजनाएं वास्तविक धरातल पर दिखाई देने लगती हैं, तो इससे देश-विदेश में यह संदेश जाता है कि उत्तर प्रदेश में नीतियां सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उन्हें अमल में भी लाया जाता है।
छह महीने में खर्च हुआ बजट का 40%
राकेश सचान ने जानकारी दी कि उनके विभाग ने वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में ही अपने कुल बजट का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खर्च कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने पर है। इसी कड़ी में लखनऊ और हरदोई में निर्माणाधीन टेक्सटाइल पार्कों का उद्घाटन जल्द किया जाएगा। इसके अलावा संतकबीरनगर, वाराणसी और बरेली सहित कई अन्य जिलों में भी नए टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार की योजना कुल मिलाकर करीब 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की है, जिनमें से पांच पार्कों के लिए जमीन पहले ही चिन्हित की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि नवंबर महीने तक इन सभी पार्कों का शिलान्यास पूरा कर लिया जाए।
उद्यमियों को सस्ती दर पर मिलेगी जमीन
मंत्री ने स्पष्ट किया कि टेक्सटाइल पार्कों में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से न सिर्फ नए उद्योगों की स्थापना होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है, और इसके लिए जरूरत पड़ने पर निवेश एवं उद्योग से जुड़ी नीतियों में उपयुक्त बदलाव भी किए जाएंगे।
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