Donald Trump : अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की टैरिफ (आयात शुल्क) नीति को लेकर हाल ही में Supreme Court of the United States के फैसले के बाद वैश्विक व्यापार जगत में उथल-पुथल मच गई है। फैसले के बाद ट्रंप ने कई देशों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी देश अमेरिका के टैरिफ मामलों में “खेल खेलने” की कोशिश करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “बेतुका” बताया और आरोप लगाया कि कुछ देश इस निर्णय का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई राष्ट्र वर्षों, यहां तक कि दशकों से अमेरिका का आर्थिक रूप से शोषण करते रहे हैं।
समझौतों के बावजूद चालाकी पर सख्ती
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई देश हालिया व्यापार समझौतों के बावजूद अमेरिका के साथ चालाकी करेगा, तो उस पर पहले से तय टैरिफ से भी अधिक आयात शुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे देशों के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार अमेरिका के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है और टैरिफ नीति पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या था?
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक आयात शुल्क को रद्द कर दिया। मुख्य न्यायाधीश John Roberts की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर ये टैरिफ लगाए, जो कानूनी दायरे से बाहर थे।
अदालत ने माना कि 1977 के कानून International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा आपातकाल की स्थिति में किया जा सकता है, न कि सामान्य व्यापार नीति के तहत व्यापक टैरिफ लगाने के लिए।
फैसले के बाद ट्रंप का नया एलान
फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने 20 फरवरी को ही नया एलान करते हुए कहा कि 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत का अस्थायी अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इस घोषणा से वैश्विक बाजारों में एक बार फिर अनिश्चितता बढ़ गई है।
“फैसले ने मेरी ताकत बढ़ाई”
दिलचस्प बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्दीकरण के रूप में देखने के बजाय ट्रंप ने इसे अपनी शक्ति बढ़ाने वाला बताया। ट्रूथ सोशल पर उन्होंने लिखा कि अदालत ने अनजाने में उन्हें और अधिक अधिकार दे दिए हैं, क्योंकि अब वे अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत टैरिफ लागू कर सकते हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह लाइसेंस व्यवस्था और वैकल्पिक कानूनी रास्तों के जरिए विदेशी देशों के खिलाफ और सख्त आर्थिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
वैश्विक असर
ट्रंप का यह सख्त रुख ऐसे समय आया है जब अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों और टैरिफ को लेकर बातचीत कर रहा है। माना जा रहा है कि यह संदेश उन देशों के लिए है जो न्यायिक फैसलों या व्यापार नियमों का लाभ उठाकर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की नई चेतावनी ने वैश्विक व्यापार राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अमेरिका की टैरिफ नीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसका अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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