ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर‑3 पार्कों में लापरवाही पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किया, वरिष्ठ प्रबंधक को हटा दिया; पाथवे फिर से बनवाने के आदेश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने शनिवार को सेक्टर‑3, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में उद्यानों की खराब देखभाल और घटिया गुणवत्ता वाले निर्माण पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान पार्कों में घास‑फूस की बढ़ोतरी, टूटी हुई झूले और आंधी व बारिश के बाद पड़ी शाखाओं का न उठाया जाना तथा दस दिन पहले बनाया गया पाथवे कमजोर होने से टूट जाने जैसे कई दुरुपयोग और उपेक्षा के मामले सामने आए। प्राधिकरण ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणाएं कीं और पुनर्निर्माण के आदेश दिए।

निरीक्षण में सामने आए तथ्य

एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सेक्टर‑3 के ए ब्लॉक का निरीक्षण निवासियों की शिकायत पर किया। पार्कों में घास बेतरतीब वृद्धि पाई गई और पेड़ों के चारों ओर गुड़ाई नहीं की गई थी। आंधी और बारिश से टूटकर पड़े पेड़ों की शाखाओं को समय पर नहीं हटाया गया, जिससे पार्क की साफ‑सफाई व सुरक्षा प्रभावित हुई। झूले टूटे हुए मिले, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा था।दस दिन पहले बने पाथवे का शोल्डर परीक्षण करते ही टूट गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि निर्माण में निम्न‑गुणवत्ता सामग्री का प्रयोग किया गया था। पेड़ों की छंटाई समय से न होने के कारण स्ट्रीट लाइट और पार्क लाइट झाड़ियों व पत्तों से ढकी हुई थीं, जिससे प्रकाश व्यवस्था प्रभावित हुई।

किश्तों व चेतावनियाँ

एसीईओ ने दोषी ठेकेदार मैसर्स अतर सिंह को काली सूची में डालने और उनकी ईएमडी जब्त करने के आदेश दिए। साथ ही पाथवे बनाने वाले ठेकेदार मैसर्स एस.आर. एसोसिएट्स से पाथवे उखाड़ कर दोबारा उच्च मानक के अनुसार निर्माण कराया जाएगा। पाथवे के पुनर्निर्माण और गुणवत्ता की निगरानी के लिए एसीईओ ने उप महाप्रबंधक को निर्देश दिए हैं और उद्यानिक कार्य सहायक निदेशक ज्ञानेंद्र यादव को 2 दिन के भीतर काम पूरा कराने की जवाबदेही दी गई है।

प्राधिकरण ने सख्त नतीजा दिया

उद्यानिक कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर वरिष्ठ प्रबंधक उद्यान रामकुमार को उनके चार्ज से अवमुक्त कर दिया गया है। एसीईओ ने स्पष्ट कहा कि किसी भी विकास कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों व विभागीय अधिकारियों‑कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिया है कि वे विकास कार्यों और रखरखाव की गुणवत्ता पर सतत नजर रखें; दोष मिलने पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया

स्थानीय निवासी इस कार्रवाई से संतुष्ट दिखाई दिए और कहा कि लंबे समय से पार्कों की उपेक्षा से उनके बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा और सफाई प्रभावित हो रही थी। प्राधिकरण ने कहा है कि तुरंत सुधार सुनिश्चित करने के साथ भविष्य में नियमित निरीक्षण बढ़ाए जाएंगे और सभी उद्यान ठेकेदारों की गुणवत्ता जांच सख्ती से की जाएगी। प्राधिकरण ने निर्देशित किया है कि उखड़े गए पाथवे का नया निर्माण दो दिनों में पूरा कराया जाए तथा उसके बाद सतत निरीक्षण के लिए मासिक जांच तंत्र लागू किया जाएगा, ताकि पुनरावृत्ति न हो।

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