नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में पहली बार थोरेसिक एंडोस्कोपी सोसाइटी (Thoracic Endoscopy Society) की 10वीं वार्षिक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस TESCON 2026 आयोजित की जा रही है। यह कॉन्फ्रेंस 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक हॉलिडे इन मयूर विहार, दिल्ली-एनसीआर में होगी। थीम है “विजन 2026: I³ – इनोवेट, इंटीग्रेट, इंटरवीन”। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, देश भर से 600 से अधिक पल्मोनोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ इस तीन दिवसीय आयोजन में भाग लेंगे। यह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी और थोरेसिक मेडिसिन का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जमावड़ा साबित होगा।
कार्यक्रम का स्वरूप
2 अक्टूबर को हैंड्स-ऑन वर्कशॉप और लाइव डेमोंस्ट्रेशन होंगे। ये नोएडा के प्रमुख अस्पतालों—नियो सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मेदांता हॉस्पिटल, मैक्स जयपी हॉस्पिटल, कैलाश हॉस्पिटल और फोर्टिस हॉस्पिटल—में आयोजित किए जाएंगे। वर्कशॉप्स में बेसिक ब्रोंकोस्कोपी (रिजिड), मेडिकल थोरेकोस्कोपी, EBUS/CRYO, VATS और लंग अल्ट्रासाउंड शामिल हैं। सीटें सीमित हैं और पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर रजिस्ट्रेशन हो रहा है। 3 और 4 अक्टूबर को मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉलिडे इन मयूर विहार में चलेगी। इसमें फ्लैगशिप लेक्चर, ओरेशन, पैनल डिस्कशन, इंटरएक्टिव सेशन, डिडैक्टिक लेक्चर, पोस्ट ग्रेजुएट क्विज और ई-पोस्टर प्रेजेंटेशन होंगे।
मल्टीडिसिप्लिनरी फोकस
कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं पर है। इसमें साधारण ब्रोंकोस्कोपी से लेकर एआई और रोबोटिक्स तक के उन्नत तरीकों पर चर्चा होगी। पल्मोनोलॉजिस्ट के साथ थोरेसिक सर्जन, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, ईएनटी विशेषज्ञ, ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, इंटेंसिविस्ट और अन्य सहयोगी विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह आधुनिक थोरेसिक मेडिसिन के सहयोगी स्वरूप को दर्शाता है।
आयोजक और विजन
संगठन सचिव एवं वर्कशॉप डायरेक्टर डॉ. शिखा जिंदल गुप्ता ने बताया कि कॉन्फ्रेंस जटिल श्वसन और थोरेसिक रोगों के निदान व उपचार में हो रही तेज प्रगति को प्रदर्शित करेगी। फोकस इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, ब्रोंकोस्कोपी, EBUS, मेडिकल थोरेकोस्कोपी, प्ल्यूरल इंटरवेंशन, एयरवे इंटरवेंशन और मल्टीडिसिप्लिनरी कैंसर केयर पर होगा। संगठन अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर ने कहा कि TESCON 2026 ज्ञान आदान-प्रदान, नवाचार, प्रशिक्षण और सहयोग का मंच बनेगा। सह-संगठन अध्यक्ष डॉ. आशीष अग्रवाल ने मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच को मुख्य विशेषता बताया। वैज्ञानिक समिति अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेन्द्र अग्रवाल ने हैंड्स-ऑन वर्कशॉप और लाइव डेमोंस्ट्रेशन पर जोर दिया।
कॉन्फ्रेंस का विजन है “इनोवेट, इंटीग्रेट और इंटरवीन”—विभिन्न विशेषज्ञताओं को एक साथ लाकर जटिल थोरेसिक रोगों के निदान, उपचार और मरीजों के परिणामों में सुधार करना। नोएडा स्वास्थ्य, शिक्षा और नवाचार का उभरता केंद्र होने के कारण यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण है। रजिस्ट्रेशन आधिकारिक वेबसाइट tescon2026.com पर खुले हैं। अर्ली बर्ड छूट उपलब्ध है। यह कॉन्फ्रेंस भारतीय पल्मोनोलॉजी और थोरेसिक मेडिसिन के क्षेत्र में ज्ञान और कौशल बढ़ाने का बड़ा अवसर साबित होगी।

