EPF Update Information : नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा स्मॉल सेविंग स्कीम्स की नई ब्याज दरों के ऐलान के बाद अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ब्याज दरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संसद में ईपीएफ ब्याज दर को 10% तक बढ़ाने का मुद्दा उठाया गया, जिस पर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है।
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लोकसभा में सांसद विजयकुमार उर्फ विजय वसंत ने सवाल किया कि क्या सरकार ईपीएफ की ब्याज दर को 10% तक बढ़ाने पर विचार कर रही है और क्या इसकी व्यवहार्यता का कोई आकलन किया गया है। इस पर श्रम एवं रोजगार मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
यूनियनों से नहीं आई 10% ब्याज की मांग
सरकार ने बताया कि ईपीएफओ को श्रमिक संगठनों की ओर से ब्याज दर को 10% तक बढ़ाने की कोई औपचारिक मांग प्राप्त नहीं हुई है। इसका मतलब है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी के लिए अभी कोई दबाव नहीं है।
कैसे तय होती है EPF की ब्याज दर
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ईपीएफ की ब्याज दर मनमाने तरीके से तय नहीं होती। यह पूरी तरह ईपीएफ कोष के निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न पर आधारित होती है।
कोष जितना कमाता है, उसी के अनुसार ब्याज तय किया जाता है
अधिक ब्याज देने का मतलब कोष पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ना
बिना पर्याप्त रिटर्न के 10% ब्याज देना संभव नहीं
8.25% पर बरकरार है दर
गौरतलब है कि ईपीएफओ ने 2025-26 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर 8.25% ही बनाए रखी है। यह लगातार दूसरा साल है जब दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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