नोएडा: नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में छोटे प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए नक्शा मंजूर कराने के लिए अब लोगों को लंबे और पेचीदा चक्करों से मुक्ति मिलने जा रही है। शासन ने मॉडल भवन विनियम-2026 लागू कर दिया है, जिसके तहत नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को बेहद सरल, पारदर्शी और त्वरित बना दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब 500 वर्गमीटर तक के आवासीय और 200 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉटों पर तय शर्तों को पूरा करने वाले नक्शों को तुरंत स्वीकृति मिल सकेगी।
नई व्यवस्था की मुख्य बातें और श्रेणियाँ
इस नए विनियम के लागू होने से शहर के हजारों छोटे प्लॉट आवंटियों को बड़ी राहत मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा में करीब 33 हजार छोटे आवासीय प्लॉट और नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हजारों अन्य आवंटी ऐसे हैं जिनके पास 500 वर्गमीटर से कम के प्लॉट हैं। नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- आवासीय और व्यावसायिक सीमा:
- आवासीय प्लॉटों के लिए यह सुविधा 500 वर्गमीटर तक के क्षेत्रफल के लिए लागू है।
- व्यावसायिक प्लॉटों के लिए यह सीमा 200 वर्गमीटर तक निर्धारित की गई है।
- टोकन शुल्क (Token Fee):
- 100 वर्गमीटर तक के किफायती आवासों व व्यावसायिक प्लॉटों के लिए टोकन शुल्क मात्र 1 रुपया (पत्र छोटे निर्माण के लिए) रखा गया है।
- 33 हजार से अधिक आवासीय प्लॉटों के लिए 30 हजार रुपये टोकन शुल्क है।
- 40 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर नक्शा स्वीकृति शुल्क तय किया गया है।
- 35 रुपये प्रति वर्गमीटर पूर्णता प्रमाण पत्र शुल्क निर्धारित किया गया है।
स्व-प्रमाणन (Self-Certification) और ऑनलाइन प्रक्रिया
- तत्काल स्वीकृति: अब 500 वर्गमीटर तक के आवासीय और 200 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट के निर्माण के लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट के स्व-प्रमाण पत्र पर ही प्राधिकरण की ओर से तुरंत स्वीकृति मिल जाएगी।
- ऑनलाइन आवेदन: आवेदक या उनके अधिकृत आर्किटेक्ट को प्राधिकरण की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
- समय-सीमा: नियमों के अनुरूप नक्शा होने पर प्राधिकरण के अधिकारी अधिकतम 15 दिन के भीतर नियोजन विभाग के स्तर पर परीक्षण करेंगे। यदि नक्शा स्वीकृत मानकों के अनुरूप है और सेटबैक व खुले क्षेत्र में कोई आपत्ति नहीं है, तो आवेदन स्वीकार कर लिया जाएगा। यदि कोई आपत्ति आती है, तो उसे दूर करने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
नई व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ-साथ सख्ती का भी पूरा प्रावधान किया गया है:
- गलत जानकारी पर रद्दीकरण: यदि नक्शे में या स्व-प्रमाण पत्र में कोई भी गलत जानकारी दी जाती है, तो अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
- 30 दिन का नोटिस: आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर स्व-घोषणा सही न पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी और भवन मालिक, आवेदक व पंजीकृत आर्किटेक्ट के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- पूर्णता प्रमाण पत्र अनिवार्य: निर्माण पूरा होने के बाद आवेदक को प्राधिकरण से ‘पूर्णता प्रमाण पत्र’ लेना अनिवार्य होगा। बिना प्रमाण पत्र के निर्माण पूरा नहीं माना जाएगा और अनधिकृत निर्माण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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