ट्रंप ने किया ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, चंद घंटों में रूस ने खार्किव के पावर प्लांट पर बरसाए बम

कीव/वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए राजी हो गए हैं। लेकिन इस घोषणा के कुछ ही घंटे बाद यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव में एक थर्मल पावर प्लांट पर हमला हो गया। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसके लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है।

ट्रंप की घोषणा: “इसे तोड़ना मत”

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में सिर्फ इतना कहा कि सीजफायर तुरंत प्रभाव से लागू है और उन्होंने चेतावनी दी कि इसे तोड़ा न जाए। पोस्ट में शर्तों या अवधि का कोई ब्योरा नहीं था। मॉस्को ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की और व्हाइट हाउस ने भी राष्ट्रपति की पोस्ट पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। ट्रंप के पोस्ट का मूल अंश था: “Effective immediately, there is an ENERGY CEASEFIRE in the War between Russia and Ukraine. Both parties have agreed. Do not break it!”

खार्किव के CHP-5 प्लांट पर हमला

एबीसी न्यूज के मुताबिक खार्किव के एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि थर्मल पावर प्लांट CHP-5 पर कम से कम दो बार हमला हुआ और आग लग गई। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कीव के एक पावर प्लांट और खार्किव क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले भी अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद ही हुए।

यूक्रेनी मीडिया के अनुसार CHP-5 खार्किव का दूसरा सबसे बड़ा बिजली संयंत्र है और जेलेंस्की ने बताया कि इस सप्ताह यूक्रेन के पावर ग्रिड पर 200 से ज्यादा हमले हुए हैं। कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार पावर प्लांट के बाद खार्किव के बाहरी इलाके में एक किराना दुकान पर भी रूसी मिसाइल गिरी। दिन में खार्किव पर रूसी गाइडेड एरियल बम से हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ घायल हुए।

कीव को घोषणा की जानकारी ही नहीं थी

एबीसी न्यूज के सूत्र के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि जेलेंस्की को ट्रंप की घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया से मिली। इसके बावजूद कीव ने सकारात्मक रुख दिखाया। जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि यूक्रेन सीजफायर का समर्थन करता है, पर रूस का समर्थन भी जरूरी है और अमेरिकी पक्ष से ब्योरे का इंतजार है। उन्होंने बताया कि इस पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नाटो महासचिव मार्क रुटे से बात हुई है।

शाम के राष्ट्र के नाम संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने को तैयार है और रूस से भी ऐसी ही तत्परता की उम्मीद है। उनके शब्दों में, “यूक्रेन शांति चाहता है, सवाल यह है कि क्या रूस चाहता है।”

सीजफायर से पहले जेलेंस्की का प्रस्ताव

ट्रंप के ऐलान से कुछ देर पहले एबीसी के कार्यक्रम ‘दिस वीक’ में जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार है, बशर्ते मॉस्को यूक्रेन के बिजली ढांचे पर हमले बंद करे। उन्होंने ट्रंप से रूस को संकेत देने की अपील की और यह भी कहा कि रूस 60 दिन के पूर्ण सीजफायर पर राजी हो तो यूक्रेन में चुनाव कराए जा सकते हैं।

ट्रंप की नाराजगी और तेल की राजनीति

एपी के अनुसार ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले ईंधन कीमतों से निपटने के लिए पुतिन से डीजल खरीदने का सौदा किया था, और वे हफ्तों से जेलेंस्की पर रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का दबाव बना रहे हैं। कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने रिफाइनरी हमलों पर जेलेंस्की की तीखी आलोचना भी की है। इसी बीच ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा कीमतें पहले से ऊंची बनी हुई हैं।

आगे क्या?

अभी तीन बड़े सवाल बाकी हैं।

रूस का रुख: क्रेमलिन ने अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और सीजफायर रूस की सहमति के बिना टिक नहीं सकता।

शर्तें: अवधि, दायरा और निगरानी तंत्र पर कोई स्पष्टता नहीं है। यह भी साफ नहीं कि इसमें केवल बिजली संयंत्र आएंगे या रिफाइनरी और ईंधन डिपो भी।

भरोसा: युद्ध के शुरुआती महीनों से ही ऊर्जा ढांचा रूसी हमलों का मुख्य निशाना रहा है, और अब रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी ड्रोन हमले बढ़ने से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते।

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