जनसुनवाई में फूटा ग्रेनो वेस्ट के निवासियों का गुस्सा: सड़क, जाम, जलभराव और सुरक्षा को लेकर प्राधिकरण पर बरसे लोग

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बृहस्पतिवार को आयोजित जनसुनवाई उस वक्त हंगामेदार हो गई जब क्षेत्र के निवासी अपनी लंबे समय से उपेक्षित समस्याओं को लेकर प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। ट्रैफिक जाम, टूटी-फूटी सड़कें, जलभराव, खराब लिफ्ट और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था जैसी समस्याओं को लेकर लोगों ने अधिकारियों के सामने खुलकर अपना आक्रोश जाहिर किया। अधिकारियों ने सभी शिकायतें सुनकर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

कच्ची सड़क से उड़ रही धूल, एनजीटी नियमों की उड़ रही धज्जियां

जनसुनवाई में सबसे ज्यादा शिकायतें सड़कों की बदहाली को लेकर सामने आईं। निवासियों ने बताया कि एटीएस नोबेलिटी और एम्स ग्रीन एवेन्यू को जोड़ने वाली सड़क आज भी कच्ची है, जिससे वाहनों के गुजरने पर भारी मात्रा में धूल उड़ती है और आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सड़क पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव तक नहीं किया जाता, जो राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के नियमों का खुला उल्लंघन है। निवासियों ने मांग की कि इस सड़क का तत्काल पक्कीकरण किया जाए और तब तक नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।

रोज का ट्रैफिक जाम बना जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट की सड़कों पर ट्रैफिक जाम अब रोजमर्रा की नियति बन चुकी है। सुबह दफ्तर जाने और शाम को लौटने के वक्त सड़कों पर लंबे जाम लगते हैं। इससे न केवल कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि वाहनों के अत्यधिक धीमे चलने से ईंधन की खपत भी बढ़ती है और प्रदूषण का स्तर भी ऊंचा रहता है। निवासियों ने मांग की कि प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था की जाए।

अधूरा बेसमेंट और टूटी लिफ्ट बन रहे हादसों की वजह

ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू के निवासी अशोक कुमार ने जनसुनवाई में सोसाइटी की गंभीर समस्याओं को उठाया। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में बेसमेंट का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिसके कारण बारिश के मौसम में वहां पानी भर जाता है और निवासियों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा सोसाइटी की लिफ्टें भी खराब हालत में हैं और उनका नियमित रखरखाव नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

अंधेरे में डूबी गलियां, रात को निकलना हुआ मुश्किल

एक अन्य शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार ने बताया कि इलाके में स्ट्रीट लाइटें या तो बंद पड़ी हैं या बेहद कम हैं। इससे रात के वक्त गलियों और सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है और लोगों के मन में असुरक्षा का भाव घर कर गया है। उन्होंने बताया कि इस अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी और अपराध की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। निवासियों ने मांग की कि स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त किया जाए और क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।

अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन, निवासियों को है कार्रवाई का इंतजार

जनसुनवाई में मौजूद प्राधिकरण अधिकारियों ने सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक दर्ज किया और निवासियों को जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि सभी मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि निवासियों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी मिलते रहे हैं, इस बार वे ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाके में बुनियादी सुविधाओं की यह दुर्दशा एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि आखिर विकास की रफ्तार जमीन पर कब दिखेगी।

 

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