पंजाब में छह जिलों में रेल रोको आंदोलन, मोगा में पुलिस से किसानों की धक्का-मुक्की, सुनाम में ट्रेन रोकी

अमृतसर/मोगा। पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) चैप्टर पंजाब ने गुरुवार को रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। पहले चरण में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम सहित छह स्थानों पर रेल यातायात रोका गया, जबकि पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रहे।

अल्टीमेटम खत्म होते ही शुरू हुआ आंदोलन

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने पहले ही सरकार को दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि किसानों-मजदूरों की मांगों पर ठोस फैसला न होने पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। समय सीमा खत्म होने के बाद मोर्चे ने आंदोलन तेज कर दिया। मोर्चे ने सरकार को मांगों पर ठोस समाधान निकालने के लिए 17 सितंबर दोपहर 12 बजे तक का समय दिया था, लेकिन जवाब न मिलने पर पटरियों पर धरना शुरू कर दिया गया।

मोगा में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

केकेएम चैप्टर पंजाब से जुड़ी आठ अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों ने मोगा के गांव महेश्वरी संधूया में रेलवे ट्रैक पर धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन शुरू किया, जहां प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की खबर सामने आई। किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने कहा कि किसान लंबे समय से डीसी कार्यालयों और मंत्रियों के आवासों के बाहर शांतिपूर्ण धरने दे रहे थे, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद मजबूरी में रेलवे ट्रैक जाम करने का कदम उठाना पड़ा।

किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं

किसान संगठन काफी समय से कई मुद्दों पर आंदोलनरत हैं। मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी प्रमुख मांगों में शामिल है। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और बिजली से जुड़े मुद्दे भी मोर्चे की मांगों में शामिल बताए जा रहे हैं। किसान नेताओं के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे और नौ मंत्रियों के आवासों पर प्रदर्शन हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल न होने से नाराज किसानों ने अब आंदोलन का दायरा बढ़ा दिया।

पहले भी हो चुका है नुकसान

मोर्चे के अनुसार पिछले आंदोलनों के दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और सैकड़ों किसान घायल हुए थे। प्रशासन इस बार भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है।

आगे क्या

मोर्चे के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार की ओर से जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में अन्य रेलवे प्वाइंट्स पर भी आंदोलन का विस्तार किया जा सकता है।

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