संभल में सावन के आखिरी सोमवार को लेकर पुलिस अलर्ट, नए एसपी ने मंदिर पहुंचकर परखी सुरक्षा व्यवस्था

संभल। जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने कार्यभार संभालने के बाद कानून-व्यवस्था और आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। सावन के अंतिम सोमवार को देखते हुए एसपी ने सादातवाड़ी स्थित पातालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर प्रबंधन से बातचीत कर जलाभिषेक के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की भीड़ और व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त को है। इस दौरान जिले के प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले से ही संभल में प्रमुख कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव और जीरो ट्रैफिक जैसे इंतजाम लागू किए गए हैं।

मंदिर पहुंचकर एसपी ने जानी व्यवस्थाएं

पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने पातालेश्वर मंदिर पहुंचकर मंदिर प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संभावित भीड़, जलाभिषेक की व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग तथा सुरक्षा इंतजामों के बारे में जानकारी ली।

एसपी ने यह भी जाना कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए किन व्यवस्थाओं की जरूरत है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर विशेष फोकस

नवागत एसपी ने धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ की लगातार निगरानी रखने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से भी कांवड़ यात्रा और सावन के अंतिम सोमवार को देखते हुए कई स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

कार्यभार संभालते ही धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा की समीक्षा

विकास चंद्र त्रिपाठी ने हाल ही में संभल के नए पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाला है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और लंबित मामलों की समीक्षा की थी। उन्होंने जनसुनवाई को प्राथमिकता देने के साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने धार्मिक पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है। ऐसे में सावन के अंतिम सोमवार की सुरक्षा व्यवस्था उनके कार्यकाल की शुरुआती महत्वपूर्ण चुनौतियों में शामिल है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ सुरक्षा का लक्ष्य

पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो और भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। इसके लिए पुलिसकर्मियों को ड्यूटी प्वाइंट पर सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

संभल पुलिस के लिए सावन का अंतिम सोमवार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। नवागत एसपी के मंदिर निरीक्षण को इसी सुरक्षा तैयारियों के सिलसिले में देखा जा रहा है।

 

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