Noida Pitbull Incident Sector 77: नोएडा, नोएडा के सेक्टर-77 में स्थित प्रतीक विस्टारिया सोसायटी (Prateek Vistara Society) में शनिवार देर रात पिटबुल नस्ल के कुत्ते को लेकर तनावपूर्ण माहौल बन गया। सोसायटी के निवासियों ने आरोप लगाया कि किरायेदार द्वारा पाला गया पिटबुल पहले भी कई लोगों को काट चुका है, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल व्याप्त है। निवासियों की बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई और उन्होंने किरायेदार से फ्लैट खाली कराने तथा कुत्ते को सोसायटी से हटाने की मांग की। घटना की जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे कुछ निवासी किरायेदार के फ्लैट पर बातचीत के लिए पहुंचे। उस समय घर की महिला बाहर थी और केवल उसका बेटा अकेला मौजूद था। बड़ी संख्या में लोगों को देखकर वह घबरा गया और अपने दोस्तों को बुला लिया। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच गर्मागर्मी बढ़ गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
हंगामे की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-113 की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की, उन्हें शांत कराया और विवाद को आगे बढ़ने से रोका। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस ने बताया कि पिटबुल डॉग से जुड़े मामले में संबंधित विभाग (जैसे पशु कल्याण या नगर निगम) को अवगत कराया जाएगा ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वहीं, फ्लैट खाली कराने का मुद्दा नागरिक विवाद है, जो न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। फिलहाल सोसायटी में शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
सोसायटी में बढ़ते पालतू कुत्तों के विवाद
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसायटियों में पालतू और आवारा कुत्तों को लेकर ऐसे विवाद आम हो गए हैं। पिटबुल जैसी आक्रामक नस्लों के हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं अधिक प्रभावित होते हैं। कई आरडब्ल्यूए (RWA) कुत्तों की निगरानी, लाइसेंसिंग और प्रतिबंधित नस्लों पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। पिटबुल जैसी मजबूत जबड़े वाली नस्लों को बिना उचित सुरक्षा उपायों के पालना पूरे परिसर के लिए जोखिम पैदा करता है।
क्या कहते हैं नियम?
उत्तर प्रदेश में पालतू कुत्तों को पंजीकृत करना अनिवार्य है। आक्रामक नस्लों (जैसे पिटबुल) के मामले में अतिरिक्त सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। यदि कुत्ता बार-बार हमला करता है तो मालिक पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सोसायटी निवासियों ने अपील की है कि ऐसे मामलों में आरडब्ल्यूए और प्रशासन त्वरित हस्तक्षेप करें ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी जारी रहेगी। यह घटना एक बार फिर सोसायटियों में पालतू जानवरों को लेकर उभरते विवादों की ओर इशारा करती है, जहां एक ओर पशु प्रेम है तो दूसरी ओर सुरक्षा की चिंता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अभी तक किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन निवासी सतर्क हैं। अधिक जानकारी के लिए थाना सेक्टर-113 से संपर्क करें।

