नोएडा में कनाडा वर्क वीजा ठगी गैंग का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

नोएडा। कनाडा में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले संगठित गैंग का पर्दाफाश नोएडा पुलिस ने कर दिया है। थाना फेस-1 पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित एक एजुकेशन कंसल्टेंसी में काम करने वाले तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। आरोपियों ने पांच ग्राहकों से पेपरवर्क, बायोमेट्रिक्स और मेडिकल के नाम पर प्रत्येक से 25 हजार रुपये वसूलने के बाद Temporary Residence Visa दिलाने और जल्द कनाडा भेजने के नाम पर हर एक से 12.50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार चौहान (31), संदीप सिंह (44) और पूजा महाजन (43) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच पीड़ितों के पासपोर्ट, सात मोबाइल फोन और एक थार कार बरामद की है। तीनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत थाना फेस-1 में मुकदमा दर्ज किया गया है।

फर्जी नाम और कनाडाई वर्चुअल नंबर से देते थे झांसा

पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी कंसल्टेंसी में काम करते थे। विदेश जाने के इच्छुक लोगों से संपर्क होने के बाद वे कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देते थे। पांच ग्राहकों के वीजा के लिए आवेदन कराने के नाम पर पेपरवर्क, बायोमेट्रिक्स और मेडिकल के बहाने प्रत्येक से 25 हजार रुपये लिए गए।

इसके बाद आरोपियों ने वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जल्द Temporary Residence Visa बनवाकर कनाडा भेजने का भरोसा दिलाते हुए प्रत्येक ग्राहक से 12.50 लाख रुपये और मांगे।

गैंग में शामिल पूजा महाजन ने अपना नाम बदलकर क्रीस्टीन जेनीफर (या क्रिस्टन जेनिफर) रख लिया था। वह खुद को विदेशी महिला बताकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। वहीं संदीप सिंह अरमान नाम से संपर्क करता था। संदीप ने MY SECOND LINE APP के जरिए कनाडा का वर्चुअल फोन नंबर लिया था और इसी नंबर से बातचीत कर कंसल्टेंसी को अपने कनाडा में रहने की बात बताता था।

कैसे हुआ खुलासा?

पुलिस की कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर हुई। 1 अक्टूबर 2026 को थाना फेस-1 पुलिस टीम ने सेक्टर-2 स्थित सी-7 (ग्राउंड फ्लोर) से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। कंसल्टेंसी की ओर से पांच ग्राहकों की जानकारी और उनके पासपोर्ट उपलब्ध कराए गए थे।

पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व ठगी की पड़ताल जारी है।

सावधान रहें

विदेश में नौकरी या वर्क वीजा के नाम पर बड़ी रकम मांगने वाली एजेंसियों और कंसल्टेंसी से सावधान रहें। किसी भी भुगतान से पहले दस्तावेजों की प्रामाणिकता और आधिकारिक प्रक्रियाओं की जांच जरूर करें।

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