नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई: नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण, फार्म हाउस कब्जा और उगाही (extortion) की गंभीर शिकायतों पर बड़ा एक्शन लिया है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के निर्देश पर वर्क सर्किल-10 के सीनियर मैनेजर केवी सिंह (KB Singh) को तुरंत उनके मूल विभाग उत्तर प्रदेश सेतु निगम (UP Bridge Corporation) भेज दिया गया है। यह फैसला 2 अप्रैल 2026 को लिया गया, जिससे प्राधिकरण कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
शिकायतों के अनुसार, केवी सिंह पर यमुना बाढ़ क्षेत्र में फार्म हाउस कब्जाने, अवैध निर्माण को बढ़ावा देने और आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Associations) की लगातार शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप लगे थे। आरोप है कि उनके करीबी जूनियर इंजीनियर (JE) अधिकारियों के माध्यम से लोगों से पैसे की उगाही की जाती थी। जो लोग रिश्वत नहीं देते थे, उन्हें निर्माण रोकने या तोड़ने की धमकी दी जाती थी।
एक प्रभावित किसान ने सीधे मुख्यमंत्री को शिकायत की, जिसके बाद ‘अश्योरेंस कमेटी’ ने मौके का निरीक्षण किया। कमेटी को प्राधिकरण कार्यालय में कोई वरिष्ठ अधिकारी न मिलने पर नाराजगी जताई गई। जांच में सैटेलाइट इमेजेस से भी अवैध कब्जे और निर्माण की पुष्टि हुई। प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने केवी सिंह की मूल विभाग वापसी की पुष्टि की। केवी सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है और उन्हें निराधार बताते हुए कहा कि वे विभाग में मात्र एक महीना ही थे।
सीईओ कृष्णा करुणेश ने साफ कहा, “अतिक्रमण और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित की थी और सख्ती का संदेश दिया है। यह कार्रवाई नोएडा में अवैध निर्माण और भूमाफिया गतिविधियों के खिलाफ प्राधिकरण की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है। हाल के महीनों में प्राधिकरण ने कई जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है, लेकिन अधिकारी स्तर पर यह पहला बड़ा कदम है, जो सर्किल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अभी तक केवी सिंह या उनके सहयोगियों के खिलाफ कोई सस्पेंशन, गिरफ्तारी या एफआईआर की खबर नहीं है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्राधिकरण अधिकारियों और बिल्डरों के बीच कथित nexus की चर्चाओं को फिर से तेज कर सकती है, जहां हजारों करोड़ की जमीन से जुड़े अवैध निर्माण के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं।1
नोट: घटना बहुत हालिया (2 अप्रैल 2026) है, इसलिए आगे की जांच रिपोर्ट या अतिरिक्त कार्रवाई के बारे में आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।

