Mamata Banerjee approaches Supreme Court: पश्चिम बंगाल में SIR पर सुनवाई शुरू, खुद बहस करने की मांग लेकिन पीछे बैठीं

Mamata Banerjee approaches Supreme Court: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, जहां चुनाव आयोग (ECI) द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई हो रही है। ममता ने खुद बहस करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन कोर्ट रूम में उन्होंने अपनी टीम से कहा, “मैं पीछे बैठूंगी, ठीक पीछे।” सीनियर एडवोकेट श्याम दिवान उनकी तरफ से बहस कर रहे हैं।

चीफ जस्टिस सूर्या कांत की अगुवाई वाली बेंच (जस्टिस जोयमाल्या बागची और विपुल पंचोली सहित) इस मामले की सुनवाई कर रही है। ममता बनर्जी ने आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर की है, जिसमें SIR को मनमाना और पक्षपातपूर्ण बताया गया है। उन्होंने नई अंतरिम अर्जी दाखिल कर कोर्ट से तत्काल निर्देश मांगा है कि मतदाता सूची से किसी का नाम न हटाया जाए।

याचिका में मुख्य मांगें:
• 2025 की मतदाता सूची को ही आधार मानकर कोई नई बदलाव न किया जाए।
• छोटी-मोटी गलतियों (जैसे स्पेलिंग) पर व्यक्तिगत सुनवाई अनिवार्य न हो।
• आधार को पहचान का पर्याप्त प्रमाण माना जाए।
• ‘विवादित’ करीब 1.4 करोड़ मतदाताओं के नाम सार्वजनिक किए जाएं।
• बल्क फॉर्म-7 से बड़े पैमाने पर नाम हटाने पर रोक लगे।
• बंगाल में तैनात 8,100 बाहरी माइक्रो-ऑब्जर्वर हटाए जाएं।

ममता ने काली शॉल पहनकर कोर्ट पहुंचीं, जो उनके पिछले ECI मीटिंग के प्रतीकात्मक विरोध से जुड़ा माना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि SIR के तहत TMC समर्थकों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के नाम लक्षित करके हटाए जा रहे हैं। कल ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के महाभियोग की मांग की थी और अन्य विपक्षी दलों से समर्थन मांगा।

इस मुद्दे पर ममता ने “SIR: 26 इन 26” नाम से 26 कविताओं की किताब भी जारी की है, जिसमें लोकतंत्र पर हमले का विरोध जताया गया है। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी SIR को एकतरफा बताया और ममता के कोर्ट जाने का समर्थन किया।

सुनवाई चल रही है और कोर्ट का अंतिम फैसला बाद में आएगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम में ममता कोर्ट परिसर में वकीलों से मिलीं और केस की पैरवी में मौजूद रहीं।

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