Lal Chowk firing: आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया, एक सिपाही शहीद; पहला बड़ा हमला एक साल बाद

Lal Chowk firing: श्रीनगर/अनंतनाग,दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार दोपहर आतंकियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए घातक हमला किया। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन शहीद हो गए। यह घटना घाटी में लगभग एक साल बाद हुई पहली बड़ी आतंकी घटना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे अनंतनाग शहर के व्यस्त इलाके लाल चौक में तैनात पुलिस पार्टी पर संदिग्ध आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन को तुरंत अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शहीद आशिक हुसैन बुदगाम जिले के बीरवा इलाके के रहने वाले थे। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमों ने आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अतिरिक्त बल भी इलाके में भेजे गए हैं।

पहलगाम के बाद पहला हमला
यह हमला अप्रैल 2025 में पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी में पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। सुरक्षा बलों ने पिछले एक साल में घाटी में आतंकवाद पर कड़ी नकेल कसी थी, जिसके चलते आतंकी गतिविधियां काफी कम हो गई थीं। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती पेश कर दी है।

पृष्ठभूमि और प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार के बावजूद दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाके अभी भी आतंकी तत्वों की गतिविधियों के लिए संवेदनशील बने हुए हैं। शहीद आशिक हुसैन की मौत पर पुलिस और प्रशासन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। शहीद की अंतिम अरथी उनके गांव पहुंचाई जा रही है, जहां बड़े स्तर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होने की संभावना है। उच्च स्तर के अधिकारियों ने पूरे मामले की समीक्षा की है और आतंकियों को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है। घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है, खासकर अनंतनाग और आसपास के इलाकों में।

विश्लेषण:
यह घटना दर्शाती है कि हालांकि कश्मीर में शांति की प्रक्रिया मजबूत हो रही है, लेकिन पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सुरक्षा बल निरंतर सतर्कता बरत रहे हैं और ऐसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए बने रहें। शहीद आशिक हुसैन को श्रद्धांजलि।

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