Jantar Mantar CJP Protest: नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने में लापरवाही बरतने के आरोप में गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने चार पुलिस अधिकारियों को शुक्रवार शाम तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह के द्वारा यह कार्रवाई की गई है। निलंबित अधिकारियों में गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी रोहित कुमार, हेड कॉन्स्टेबल सुनील यादव, एसआई गौरव और उपनिरीक्षक अनिल कुमार शामिल हैं।
क्या था मामला?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शनकारियों (छात्रों के पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर) के आंदोलन के मद्देनजर इन अधिकारियों को नोएडा से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था। ड्यूटी के दौरान इनकी कार्यशैली और जिम्मेदारियों के पालन में गंभीर लापरवाही सामने आई। वरिष्ठ अधिकारियों के ध्यान में आने पर डीसीपी सेंट्रल को जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त एक्शन लिया गया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व वाली कमिश्नरेट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले भी थे विवादों में
सूत्रों का कहना है कि निलंबित पुलिसकर्मियों में से कुछ पर पहले भी कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप लग चुके थे। इन्हें सीनियर अधिकारियों की निगरानी में रखा गया था। कुछ अधिकारी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में तैनात रह चुके हैं और कई अहम मामलों की जांच में शामिल रहे हैं। डीसीपी की ओर से जारी आदेश में सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसी कोई भी लापरवाही सामने आने पर इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
आगे क्या?
निलंबित चारों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें बर्खास्तगी तक की सजा हो सकती है। यह घटना CJP आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस और आसपास की यूपी पुलिस की चुनौतियों को भी रेखांकित करती है, जहां प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने में सख्ती बरती जा रही है, लेकिन ड्यूटी में कोई कोताही नहीं चलेगी। पुलिस प्रशासन का बयान: “कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।” यह खबर नोएडा पुलिस के अनुशासन और जवाबदेही को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। अपडेट्स के लिए बने रहें।

