नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस नोएडा में विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटरनल हैकाथॉन टेकस्प्रिंट-2026 का आयोजन किया गया। स्कूल ऑफ आईटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान की 17 छात्र टीमों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 की तैयारियों के तहत किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं पर तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में इनोवेशन, क्रिएटिव थिंकिंग, टेक्निकल स्किल्स और प्रॉब्लम सॉल्विंग की क्षमता विकसित करना रहा। हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी टीमों ने अपने-अपने तकनीकी विचारों और समाधानों को निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया।
तकनीकी ज्ञान के साथ समस्या को समझना भी जरूरी: डॉ. जेके शर्मा
कार्यक्रम की शुरुआत आईएमएस नोएडा के सलाहकार प्रोफेसर डॉ. जेके शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि मौजूदा तकनीकी दौर में केवल तकनीकी ज्ञान हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के अंदर किसी समस्या को सही तरीके से समझने, नए विचार विकसित करने और उन विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने की क्षमता भी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाए, जहां वे अपनी तकनीकी स्किल का वास्तविक परिस्थितियों में प्रयोग कर सकें। साथ ही विद्यार्थी असफलताओं से सीखते हुए अपने विचारों को बेहतर बनाएं और उन्हें नवाचार के रूप में वास्तविक दुनिया में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ें।
‘टेकस्प्रिंट सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, सीखने का अवसर’
स्कूल ऑफ आईटी की विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका दीक्षित बाजपेयी ने कहा कि टेकस्प्रिंट-2026 विद्यार्थियों के लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह सीखने, टीम के साथ काम करने और तकनीकी विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा में हासिल किए गए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल करने का मौका देते हैं। इससे छात्रों में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी प्रस्तुति और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं का विकास होता है।
17 टीमों ने पेश किए तकनीकी समाधान
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ज्योति के. त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनल हैकाथॉन में 17 टीमों की भागीदारी विद्यार्थियों के बीच नवाचार और तकनीकी समस्या समाधान के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण मिले, जहां वे नई तकनीकों के साथ प्रयोग कर सकें और अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर सकें। हैकाथॉन जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें बेहतर तरीके से विकसित करने का अवसर देते हैं।
डीआरडीओ कंसल्टेंट समेत विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन
इंटरनल हैकाथॉन में डीआरडीओ के कंसल्टेंट डॉ. आशुतोष मिश्रा और संस्थान के प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागी टीमों के प्रोजेक्ट और प्रस्तुतियों का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया।
इस दौरान टीमों के विचारों की नवीनता, तकनीकी व्यवहार्यता, समस्या समाधान की क्षमता और प्रस्तुतिकरण को प्रमुख आधार बनाया गया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों को उनके प्रोजेक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए और तकनीकी समाधानों को और बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
टीम पार्थ ने हासिल किया पहला स्थान
टेकस्प्रिंट-2026 के परिणाम में टीम पार्थ ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं टीम स्टैक स्प्रिंटर्स दूसरे और टीम हेवी कोडर्स तीसरे स्थान पर रही। विजेता टीमों ने अपने प्रोजेक्ट के जरिए प्रभावी टीमवर्क, तकनीकी दक्षता और समस्या को समझकर उसे व्यावहारिक तकनीकी समाधान में बदलने की क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी समझ के साथ-साथ रचनात्मक सोच और प्रस्तुति कौशल का भी प्रदर्शन किया।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने की पहल
आईएमएस नोएडा का यह इंटरनल हैकाथॉन स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी तकनीकी वातावरण में काम करने, सीमित समय में समाधान तैयार करने और विशेषज्ञों के सामने अपने आइडिया प्रस्तुत करने का अनुभव मिलता है। टेकस्प्रिंट-2026 में विद्यार्थियों की भागीदारी और विजेता टीमों के प्रदर्शन ने संस्थान में तकनीकी नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने रखा।

