Home buyers’ revolution in Noida Extension: ‘नो रजिस्ट्री-नो वोट’ बैनर लगे, नेताओं की एंट्री बंद; महागुन मंत्रा-2 सहित सैकड़ों सोसायटियों में रजिस्ट्री और मेट्रो की मांग

Home buyers’ revolution in Noida Extension: ग्रेटर नोएडा वेस्ट / नोएडा एक्सटेंशन, नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई हाउसिंग सोसायटियों में निवासियों ने अब ‘क्रांति’ का बिगुल फूंक दिया है। जिन सोसायटियों की रजिस्ट्री लंबित है, वहां बड़े-बड़े बैनर लगने शुरू हो गए हैं। महागुन मंत्रा-2 सोसायटी के 1100 से अधिक होम बायर्स ने साफ संदेश दिया है—“NO REGISTRY • NO VOTE” यानी पहले रजिस्ट्री, फिर वोट। नेताओं की सोसायटी में एंट्री भी बंद कर दी गई है। साथ ही मेट्रो कनेक्टिविटी की पुरानी मांग भी दोहराई जा रही है।

महागुन मंत्रा-2 (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) के मुख्य गेट और आसपास लगे बैनर में साफ लिखा है—‘महागुन मंत्रा-2 के 1100+ होम बायर्स की एक ही मांग: पहले रजिस्ट्री-फिर वोट’। बैनर में आगे कहा गया है कि रजिस्ट्री का पैसा निवासियों ने सरकार को दे चुके हैं, अब और धोखा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘जब तक रजिस्ट्री नहीं, तब तक वोट नहीं’ का नारा प्रमुखता से अंकित है। निवासी एकजुट होकर आवाज उठाने और अपना अधिकार दिलाने की अपील कर रहे हैं।

रजिस्ट्री क्यों अटकी है?

महागुन मंत्रा-2 प्रोजेक्ट 2013-14 में लॉन्च हुआ था। कई परिवारों को कब्जा मिल चुका है और वे वर्षों से रह रहे हैं, लेकिन कानूनी मालिकाना हक (रजिस्ट्री) अभी भी लंबित है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बकाया पूरी तरह नहीं चुकाया, जिसके कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया अटक गई। फरवरी 2026 में सैकड़ों खरीदार महागुन के नोएडा स्थित कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया था। नवंबर 2025 में भी बिल्डर ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था। निवासी कहते हैं कि पूरा पैसा चुकाने और कब्जा लेने के बावजूद बिना रजिस्ट्री के वे कानूनी रूप से ‘बेघर’ महसूस करते हैं—न फ्लैट बेच सकते हैं, न आसानी से लोन ले सकते हैं। यह समस्या सिर्फ महागुन मंत्रा-2 तक सीमित नहीं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई अन्य सोसायटियों में भी वर्षों से रजिस्ट्री लंबित है। इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी व्यापक स्तर पर ‘नो रजिस्ट्री-नो वोट’ अभियान चला था। अब स्थानीय निकाय चुनावों या आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए निवासियों ने फिर से बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं।

नेताओं की एंट्री बंद, मेट्रो की भी मांग

निवासियों ने साफ कर दिया है कि जब तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू नहीं होती और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक किसी भी राजनीतिक दल या नेता की सोसायटी में एंट्री नहीं दी जाएगी। बैनर और पोस्टर के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि वोट तभी मिलेगा जब हक मिलेगा। इसके अलावा मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग भी जोर पकड़ रही है। नोएडा एक्सटेंशन/ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी लंबे समय से मेट्रो लाइन की मांग कर रहे हैं। हाल के महीनों में भी मेट्रो डीपीआर संबंधी देरी को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। निवासी कहते हैं कि रजिस्ट्री और बुनियादी सुविधाओं (जैसे मेट्रो) दोनों मुद्दों पर सरकार और प्राधिकरण को गंभीरता से काम करना होगा।

निवासियों का रुख

महागुन मंत्रा-2 के होम बायर्स एसोसिएशन और अन्य सोसायटियों के प्रतिनिधि कह रहे हैं कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। “हमने रजिस्ट्री का पैसा दे दिया, कब्जा ले लिया, अब सिर्फ कानूनी दस्तावेज चाहिए। सालों से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन अमल नहीं हो रहा। अब धोखा बंद करो,” एक निवासी ने बैनर के जरिए यही संदेश दिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिल्डर पक्ष से अभी तक कोई ताजा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। निवासी लगातार प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व से अपील कर रहे हैं कि लंबे समय से लंबित रजिस्ट्रियों को प्राथमिकता दी जाए। नोएडा एक्सटेंशन की इन हाउसिंग सोसायटियों में बैनर लगना और ‘नो रजिस्ट्री-नो वोट’ का नारा गूंजना बताता है कि होम बायर्स अब चुपचाप इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। रजिस्ट्री, मेट्रो और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर उनका आंदोलन धीरे-धीरे फैल रहा है।

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