H1N1 wreaks havoc in Delhi: राजधानी में पिछले साल के मुकाबले स्वाइन फ्लू के मामलों में करीब आठ गुना उछाल, डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लेवल गिरने और सांस लेने में गंभीर दिक्कत जैसे लक्षणों को लेकर चेताया
नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से इज़ाफा हो रहा है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में अब तक कुल 1,777 H1N1 केस दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 159 मामले सिर्फ एक दिन पहले ही सामने आए। पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले इस बार मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
मामलों में लगातार हो रही वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में दिल्ली की स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य मकसद राजधानी में मौजूदा महामारी विज्ञान (एपिडेमियोलॉजिकल) स्थिति, अस्पतालों की तैयारियों, जांच व इलाज की सुविधाओं की उपलब्धता और संक्रमण को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करना था।
मानसून के बीच तेज़ी से फैल रहा संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में उमस भरे और बदलते मौसम की वजह से H1N1 समेत कई मौसमी संक्रमण तेज़ी से फैल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों की ओपीडी में तेज़ बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ मरीजों में मामला गंभीर रूप भी ले रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कई मरीजों में ऑक्सीजन लेवल गिरने और सांस लेने में गंभीर दिक्कत जैसे लक्षण भी सामने आए हैं, खासकर उन लोगों में जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों ने साफ किया है कि सिर्फ H1N1 पॉज़िटिव रिपोर्ट आने का मतलब यह नहीं कि हर मरीज को अस्पताल में भर्ती होना ज़रूरी है — असली चिंता तब होती है जब मरीज की हालत बिगड़ने लगे या ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगे।
किन लोगों को है ज़्यादा खतरा
डॉक्टरों के अनुसार निम्न वर्गों के लोगों में गंभीर लक्षण विकसित होने का खतरा अधिक रहता है:
छोटे बच्चे और बुज़ुर्ग
गर्भवती महिलाएं
कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीज
सांस, हृदय (हार्ट) या किडनी से जुड़ी पुरानी बीमारियों वाले लोग
ऐसे मरीजों को लगातार तेज़ बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, होंठों का नीला पड़ना या भ्रम (कन्फ्यूजन) जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में H1N1 मरीजों के लिए अलग वार्ड और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि टैमीफ्लू दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक H1N1 से किसी आधिकारिक मौत की पुष्टि नहीं की है।
आम लोगों के लिए सावधानियां
भीड़भाड़ वाली और कम हवादार जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें
खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकें
हाथों को बार-बार साबुन से धोएं
बुखार या फ्लू जैसे लक्षण होने पर खुद से दवा न लें, डॉक्टर से सलाह लें
हाई-रिस्क ग्रुप के लोग सीजन से पहले फ्लू का टीका लगवा सकते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है। ज़्यादातर मरीज घर पर सामान्य इलाज से ठीक हो जाते हैं, लेकिन लक्षण गंभीर होने पर समय रहते अस्पताल पहुंचना बेहद ज़रूरी है। यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। ताज़ा और पुष्ट जानकारी के लिए संबंधित स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक विज्ञप्ति देखें।

